AAP संयोजक केजरीवाल के दांव से खिसक सकती है कांग्रेस की सियासी ज़मीन, जानिए क्या है पूरा मामला
पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र अब आम आदमी पार्टी भी सियासी ज़मीन मज़बूत करने में जुट गई है। इस बाबत आम आदमी पारटी के संजोयक अरविंद केजरीवाल शनिवार को पंजाब के मोहाली पहुंचकर शिक्षकों के धरने में शामिल हुए।
चंडीगढ़, 27 नवम्बर 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र अब आम आदमी पार्टी भी सियासी ज़मीन मज़बूत करने में जुट गई है। इस बाबत आम आदमी पार्टी के संजोयक अरविंद केजरीवाल शनिवार को पंजाब के मोहाली पहुंचकर शिक्षकों के धरने में शामिल हुए। इसके बाद मोहाली में शिक्षकों से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि आप लोगों को भर्ती हुए 18 साल हो चुके हैं। दल साल शिरोमणि अकाली दल और आठ साल से कांग्रेस लेकिन किसी ने भी आप लोगों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि एक बार मौक़ा दें अगर हमारी पार्टी आप लोगों की उम्मीदों पर खड़ी नहीं उतरी तो अगली बार लात मारकर भगा देना। केजरीवाल ने कहा कि हम भी आंदोलन से निकले हुए हैं।

जहां भी जाओ, स्कूल पहले ठीक करो- केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारा मिशन है कि जहां भी जाओ, स्कूल पहले ठीक करो। दिल्ली के टीचरों को हमने ट्रेनिंग के लिए फॉरेन भेजा।उन्होंने कहा कि हमने किसी टीचर को नहीं निकाला। दिल्ली में सरकारी स्कूल अच्छे हुए तो वह केजरीवाल या मनीष सिसौदिया ने नहीं बल्कि टीचरों ने किए हैं। यहा भी टीचरों को हर हाल में पक्का करेंगे। दिल्ली के स्कूलों में पहले पढ़ाई नहीं होती थी, सरकारी स्कूलों का माहौल खराब था। दिल्ली के हालात जिस तरह से सुधारे उसी तरह पंजाब के हालात भी अच्छे कर देंगे। उन्होंने कहा कि 36 हजार कर्मचारियों को पक्के करने के होर्डिंग लगे हुए हैं। आप लोगों में से कितने टीचर पक्के हुए हैं तो टीचरों ने इससे इन्कार कर दिया। वहीं अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इससे पहले सफाई कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें भी पक्का नहीं किया गया। केजरीवाल ने पूछा कि 36 हजार कौन से कर्मचारी पक्के किए गए?। पंजाब सरकार झूठ बोल रही है।

शिक्षकों से केजरीवाल ने किया वादा
केजरीवाल ने कहा कि मैं भी वादा कर रहा हूं कि सरकार आई तो पक्का करेंगे। मैं इसलिए कह रहा हूं कि दिल्ली में मसले हल किए हैं तो पंजाब का भी करेंगे। पंजाब के कई स्कूलों में 7वीं तक एक भी टीचर नहीं है। कहीं एक ही टीचर है। यहां सिर्फ पुताई कर उसे स्मार्ट स्कूल बता देते हैं। केजरीवाल ने परगट सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि परगट सिंह कहते हैं कि हमारे स्कूल देश में सबसे अच्छे हैं। परगट को यहां आकर टीचरों से पूछना चाहिए कि स्कूल कितने अच्छे हैं। टीचर कह रहे कि हमें 6-6 हजार रुपये मिलते हैं। दिल्ली में एक मजदूर को भी 15 हजार रुपए मिलते हैं। इससे पहले टीचरों ने कहा कि उनके साथ कैप्टन अमरिंदर सिंह, मनप्रीत बादल समेत कई नेताओं ने वादे किए। वह नेताओं से अपील करते हैं कि वादे वही करें, जिसे वह पूरा कर सकें।

शिक्षकों से रूबरू हुए भगवंत मान
आम आदमी पार्टी पंजाब अध्यक्ष भगवंत मान भी मोहाली में शिक्षकों से रूबरू हुए, उन्होंने कहा कि जिन्होंने पंजाब के बच्चों का भविष्य बनाना था, वह अपने भविष्य के लिए लड़ रहे। ऐसे में बच्चे पंजाब से बाहर नहीं जाएंगे तो कहां जाएंगे?। उन्होंने कहा कि पंजाब लावारिस हो गया है। टीचरों को टावरों पर चढ़ना पड़ रहा है और सरकारें सिर्फ ऐलान कर रही हैं। स्कूल को बाहर से रंग करने से स्मार्ट नहीं बनता। स्कूल के अंदर से बच्चा क्या सीखकर आता है। टीचरों को क्या माहौल मिलता है, इस पर बहुत कुछ निर्भर होता है। पंजाब के स्कूलों में कहीं टीचर ही नहीं तो कहीं चपरासी के भरोसे स्कूल चल रहे हैं। यह कड़वा मजाक है कि इतनी डिग्रियां लेकर अब धरनों में लाठियां, पानी की बौछारें खाकर ओवरएज हो रहे हैं।
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