Gulshan yadav: सपा ने कुंडा से गुलशन यादव को उतारा मैदान में, जानिए कौन हैं वो
Gulshan yadav: सपा ने कुंडा से गुलशन यादव को उतारा मैदान में, जानिए कौन हैं वो
प्रतापगढ़, 27 जनवरी: रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया, प्रतापगढ़ की सियासत को पिछले तीन दशक से अपने हिसाब से चल रहे है। वो कुंडा सीट से निर्दलीय विधायक है, लेकिन इस बार राजा भैया के समक्ष अपने सियासी वर्चस्व को बचाए ऱखने की चुनौती है। दरअसल, राजा भैया को घेरने के लिए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हीं के सारथी पर दांव लगाया है। जी हां..अखिलेश ने कुंडा सीट पर राजा भैया के खिलाफ गुलशन यादव को चुनावी मैदान में उतारा है। आइए जानते है कौन हैं गुलशन यादव?
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कौन हैं गुलशन यादव
गुलशन यादव का जन्म प्रतापगढ़ जिले के कुंडा के मऊदारा गांव में हुआ है। गुलशन के पिता का नाम सुंदर लाल यादव है और वो तीन भाई है। गुलशन का छोटा भाई छविनाथ यादव समाजवादी पार्टी के प्रतापगढ का जिला अध्यक्ष हैं। गुलशन यादव ने अपने राजनीतिक सफर की शुरूआत राजा भैया के सानिध्य में रहकर की थी। करीबी दो दशक पहले मायावती सरकार में राजा भैया पर पोटा लगा था, जिसके गवाह राजेंद्र यादव थे। राजेंद्र की हत्या कर दी गई, जिसके बाद गुलशन यादव चर्चाओं में आए थे और जेल गए थे। बता दें, गुलशन यादव को एक वक्त राजा भैया के बेहद करीबियों में गिना जाता था।

मऊदा से बने ग्राम प्रधान, 10 साल से कुंडा के चेयरमैन
राजा भैया के सान्धिय में ही गुलशन यादव ने सियासत में कदम रखा और पहली बार मऊदारा के ग्राम प्रधान बने। प्रधान बनने के बाद गुलशन ने सियासत में पीछे मुड़कर नहीं देखा और वो 2011 में कुंडा से चेयरमैन बनने में कामयाब रहे। इसके बाद 2017 में गुलशन यादव जेल में रहते हुए कुंडा नगर पंचायत के चेयरमैन पद के चुनाव में अपनी पत्नी सीमा यादव को राजा भैया के प्रत्याशी के खिलाफ खड़ा कर जिताने में कामयाब रहे। बता दें, गुलशन की मां मऊदारा से ग्राम प्रधान हैं और उनके भाई छविनाथ करेटी गांव से प्रधान है। मऊदारा गांव के आसपास इलाके में गुलशन यादव की सियासी तूती बोलती है।

सियासी तौर पर सक्रिय है गुलशन यादव
सपा सरकार में पुलिस डीएसपी जियाउल हक की हत्या मामले में राजा भैया के साथ-साथ गुलशन यादव का भी नाम आया था। इसके बाद कुंडा में राजा के करीबी पुष्पेंद्र सिंह पर जानलेवा हमले के मामले में गुलशन यादव को गिरफ्तार किया गया था और इसी मामले में पिछले 4 साल तक जेल में बंद रहे। लेकिन जेल से बाहर आने के बाद सियासी तौर पर सक्रिय हैं। तो वहीं, अब राजा भैया को इस बार कुंडा में ही कड़ी चुनौतियों का सामना करना होगा।

2 दशक बाद सपा ने कुंडा से उतारा प्रत्याशी
साल 1993 से रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया प्रतापगढ़ जिले की कुंडा विधानसभा सीट से लगातार निर्दलीय विधायक चुने जाते आ रहे हैं और सपा-बीजेपी के सहयोग से मंत्री भी बनते रहे। ऐसे में समाजवादी पार्टी ने पिछले ढाई दशक से कुंडा में राजा भैया के खिलाफ अपना कोई प्रत्याशी नहीं उतारा। वो राजा भैया का समर्थन करती रही। लेकिन, इस बार सपा ने उनके खिलाफ अपना प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतार दिया है, जिससे राजा भैया के समक्ष चुनौती खड़ी हो गई है।












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