विपक्ष में कहां बैठेगी कांग्रेस? कर्नाटक के नतीजे करेंगे तय पटना की बैठक का भविष्य
Opposition Meeting In Patna: इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, वामपंथी नेता सीताराम येचुरी और डी राजा के बैठक में भाग लेने की संभावना है।

Opposition Meeting: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 17 या 18 मई को पटना में विपक्षी दलों की बैठक आयोजित करने जा रहे हैं। इस बैठक में कई विपक्षी दलों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के भी शामिल होने की संभावना है। इस अहम बैठक से पहले अब सियासी चर्चाएं भी तेज हो गई हैं कि आखिर इसमें कांग्रेस की क्या जगह होगी? विपक्ष में कांग्रेस कहां बैठेगी?
कर्नाटक चुनाव के नतीजे तय करेंगे कांग्रेस का भविष्य
दरअसल, 10 मई को कांग्रेस में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं और 13 मई को नतीजे आएंगे। लेकिन अब नतीजे पर निर्भर करेगा की कांग्रेस को विपक्ष की बैठक में कितना महत्व मिलेगा। हालांकि, कर्नाटक चुनाव में तो शीर्ष नेतृत्व से लेकर नीचे तक के कार्यकर्ता मान रहे हैं कि राज्य में कांग्रेस की जीत होगी। लेकिन आधिकारिक परिणाम सामने आने के बाद ही यह निर्णय हो पाएगा कि कौन है कर्नाटक का सिकंदर। यदि कांग्रेस बड़े अंतर से कर्नाटक फतह कर लेती है तो विपक्षी दलों के बीच कांग्रेस का महत्व पहले से कहीं ज्यादा बढ़ जाएगा।
छत्तीसगढ़ और एमपी चुनाव का भी होगा असर
वहीं आने वाले छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के चुनाव में कांग्रेस के लिए अहम है अगर यहां जीती तो पीएम मोदी के लिए बड़ा झटका साबित होगा। वहीं इस जीत के साथ कांग्रस तीन राज्यों में सरकार बना लेगी। इस जीत से राहुल गांधी का सियासत में कद ही नहीं बढ़ेगा बल्कि विपक्षी दलों में कांग्रेस की पैठ जबरदस्त तरीके से बढ़ेगी। ममता और अखिलेश को भी राहुल गांधी के बारे में कुछ कहने से पहले सोचना होगा।
कांग्रेस को हमेशा हल्के में लेती रही हैं ममता
बता दें कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हमेशा से कांग्रेस को साइडलाइन लेकर चलती रही है। ममता बनर्जी ने मार्च में राहुल गांधी को लेकर एक बयान दिया था जिसके बाद विपक्षी एकता की हवा निकलने लगी थी। दरअसल, ममता बनर्जी ने कहा था कि राहुल गांधी अगर विपक्ष के नेता बने रहे तो पीएम मोदी को कोई नहीं हरा सकता है। उन्होंने कहा था कि राहुल का भाजपा जानबूझकर हीरो बना रही है ताकि चुनाव में फायदा हो सके।
अखिलेश यादव ने भी कांग्रेस को दी थी सलाह
अखिलेश ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा था कि बंगाल में हम ममता दीदी के साथ हैं। इस समय हमारा रुख है कि हम भाजपा और कांग्रेस दोनों से समान दूरी रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा था कि समाजवादी पार्टी हमेशा से क्षेत्रीय दलों को लेकर नरम रुख अपनाती रही है। यही वजह है कि उसने हाल ही में कांग्रेस की विरोधी तृणमूस कांग्रेस और उसकी मुखिया ममता बनर्जी के साथ मीटिंग की। अब अखिलेश ने कांग्रेस को सुझाव दिया है कि पार्टी को राज्यों में क्षेत्रीय दलों को चुनावों में समर्थन करना चाहिए, न कि खुद लड़ने जाना चाहिए।












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