हाथों की मेहंदी सूखने से पहले ही नक्सलियों ने उजाड़ दी मांग
खगरिया (मुकुंद सिंह)। 22 दिन पहले जिस क्षमा प्रिया के हाथों में मेहंदी लगी थी और बाबुल के घर से विदा होकर अपने पिया के आगन में चहकती हुई आई थी, उसे मंगलवार को यकीन नहीं हो रहा था कि उसका सुहाग उजड़ गया है। हो भी कैसे अभी तो पूरी तरह इन दोनों की जान पहचान भी नहीं हुई थी। और हाथों की मेहंदी अब भी रची हुई थी।
नक्सली मुठभेड़ में "पुलिस की गोली" से शहीद हुए थे 10 जवान!

हम बात कर रहे हैं गया औरंगाबाद में हुए नक्सली मुठभेड़ में शहीद हुए खगड़िया के रहने वाले सीआरपी कोबरा बटालियन में तैनात दिवाकर की। जिसकी आज से 20 दिन पहले जिगर से ही क्षमा प्रिया की शादी हुई थी। शादी के वक्त छुट्टी का अभाव होने के कारण इन दोनों का अभी सही से जान-पहचान भी नहीं हुई थी कि दिवाकर अपनी ड्यूटी पर चला गया और जल्द ही वापस आने का वादा किया था।
हाथों की मेहंदी सूखने से पहले ही नक्सलियों ने उजाड़ दी मांग
लेकिन क्षमा प्रिया के भाई विपिन ने जैसे ही मंगलवार की दोपहर उसे बताया कि उसके पति दिवाकर नक्सली मुठभेड़ में शहीद हो गए हैं तो वह अचेत हो गई। उसे समझ में नहीं आया कि यह क्या हो गया। जब उसे समझ में आया कि वाकई उसके पति देश की रक्षा करने में शहीद हो गए हैं, तो उसकी चीख सुनकर हर किसी का कलेजा दहल गया।
बेसुध पड़ी प्रिया बार-बार एक ही बात कर रही थी कि उसके दिवाकर को कुछ नहीं हुआ है वह ठीक है। लोग उसकी शादी से जलते हैं इसलिए झूठ बोल रहे हैं।
आपको बताते चलें की नक्सली हमले में शहीद होने वाले अनिल कुमार (बक्सर), रवि कुमार (सीवान), दिवाकर (खगडिया), दीपक कुमार घोष (पश्चिम बंगाल), मनोज कुमार (मध्य प्रदेश), ओपेंद्र सिंह (मणिपुर), हरविंदर वार और सीनोद कुमार (उत्तर प्रदेश), रमेश कुमार (पंजाब) हैं। वही घायल जवानों में डीएस राव (आंध्र प्रदेश), मिथुन गोस्वामी (बिहार),उदय भान सिंह, रविशंकर यादव व पंचम यादव है जिनका राजधानी पटना की अस्पतालों में चल रहा है।












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