गांव के नौजवानों से कमजोर हो रहे हैं शहरी युवा, जानिए क्यों?
पटना। हाल फिलहाल हुए इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ पॉपुलेशन साइंस मुंबई के नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट मे एक चौकाने वाली बात सामने आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि शहर के युवा गांव के नौजवानों से कमजोर हो रहे हैं। तो इस खुलासे को लेकर डॉक्टरों का कहना है कि तनाव के साथ साथ अनियमित दिनचर्या और खानपान के कारण हाई शुगर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

इस तरह के बीमारी का आकड़ा लगभग 35 वर्ष से शुरू हो रहा है। आपको बताते चलें कि शहर के युवा का गांव के नौजवानों की अपेक्षा काफी कमजोर होने का सबसे मुख्य कारण यह है कि कम उम्र में ही शहर के युवा ब्लड शुगर नामक बीमारी से ग्रसित हो जाते हैं। यूं कहें कि गांव के युवा शहरी नौजवान की अपेक्षा काफी हद तक इसलिए स्वस्थ होते हैं क्योंकि वह शारीरिक रूप से अधिक परिश्रम करते हैं और खान पान पर भी ज्यादा ध्यान रखते हैं।
इसी वजह से उन्हें कोई भी बीमारी जल्द अपने कब्जे में नहीं ले पाती है। तो इनके स्वस्थ रहने का एक और कारण यह है कि गांव में हमेशा से ही प्रदूषण का लेवल कम होता है। यह तो थी गांव में रहने वाले नौजवानों की बात। अब अगर बात करें शहर में रहने वाले युवाओं की तो शहर के युवा गांव के नौजवानों की अपेक्षा अत्यधिक तनाव लेते हैं। वही खानपान में भी अनियमितता बरतते हैं। जिससे उनके अंदर साल-दर-साल शुगर का लेवल बढ़ने लगता है। वहीं इस पर नियंत्रण के लिए ना सिर्फ शहर के युवाओं को शारीरिक परिश्रम करना होगा बल्कि खानपान पर भी ध्यान देना होगा।












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