दोस्ती का नया पैंतरा: अब पाकिस्तान के लोग चीनी भाषा में करेंगे बात
पाकिस्तान-चाइना इंस्टीट्यूट की ओर से यहां पर चीनी भाषा की क्लासेज आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दी गई है। सोमवार को लॉन्च हुई इन क्लासेज का मकसद पाक के उन व्यावसायियों और दूसरे प्रोफेशनल्स को बेहतर अवसर मुहैया कराना है जो चीन में बिजनेस करना चाहते हैं।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान-चाइना इंस्टीट्यूट की ओर से यहां पर चीनी भाषा की क्लासेज आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दी गई है। सोमवार को लॉन्च हुई इन क्लासेज का मकसद पाक के उन व्यावसायियों और दूसरे प्रोफेशनल्स को बेहतर अवसर मुहैया कराना है जो चीन में बिजनेस करना चाहते हैं। इससे पहले ऐसी खबरें भी आई थीं कि पाक ने चीनी भाषा को अपने यहां पर आधिकारिक भाषा का दर्जा दे दिया है। लेकिन पाक के एक मंत्री की ओर से जो बयान आया है, उसके मुताबिक सिर्फ क्लासेज शुरू की गई हैं।

आठ वर्ष पहले स्कूलों में शुरू हुआ था कोर्स
इस भाषा के लॉन्च होने के समय आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए पाकिस्तानी सीनेट के चेयरमैन मियां रजा रब्बानी ने कहा कि उन्हें काफी खुशी है कि देश में अब चीनी भाषा सीखने को मिलेगी। उनका कहना था कि यह बात और भी अहम है कि इस भाषा को देश में पाकिस्तान के एक अहम थिंक टैंक की ओर से शुरू किया जा रहा है। रब्बानी का कहना था कि इस कदम से दोनों देशों के बीच रिश्ते और मजबूत होंगे। उनका कहना था कि इस कदम से रणनीतिक और आर्थिक रिश्ते भी मजबूत हो सकेंगे।
और गहरी होगी दोस्ती
रब्बानी के मुताबिक पाकिस्तान में चीनी भाषा का होना दोस्ती को और गहरा करेगा। पाकिस्तान-चाइना इंस्टीट्यूट के प्रमुख मुशाहिद हुसैन का कहना है कि चीनी भाषा के आने के बाद दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संपर्क भी बढ़ सकेगा। पाकिस्तान में चीन के राजदूत याओ जिंग ने कहा है कि भाषा आपसी समझ का जरिया है और चाइनीज भाषा की क्लासेज आने के बाद पाकिस्तान और चीन के बीच आपसी सहयोग बढ़ सकेगा। इसके अलावा उन्होंने यह भी इस कदम से दोनों देशों के बीच भाषाई मुश्किलें खत्म हो सकेंगी साथ ही एक-दूसरे की संस्कृति को भी समझा जा सकेगा। पाकिस्तान के स्कूलों में चीनी भाषा की क्लासेज को आठ वर्ष पहले शुरू किया गया था। अब इस भार्षा को बिजनेसमेन, टीचर्स और दूसरे लोगों के लिए लॉन्च किया गया है।












Click it and Unblock the Notifications