अफगानिस्तान जाने वाली भारतीय मदद चोरी कर रहा पाकिस्तान, अफगान मीडिया का दावा
भारत से अफगानिस्तान भेजी जा रही मदद को पाकिस्तान गायब करने में लगा है।
इस्लामाबाद, 11 जूनः भारत से अफगानिस्तान भेजी जा रही मदद को पाकिस्तान गायब करने में लगा है। अफगानिस्तान मीडिया के मुताबिक एक बार अफगानिस्तान पहुंचने के बाद गेहूं भरे ट्रक अवैध तरीके से वापस पाकिस्तान भेज दिए जा रहे हैं। इस चोरी की खबर भारत सरकार को भी है।

50 ट्रकों को सीमा पार करने से रोका
खामा प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक बीते महीने 31 मई को तालिबानी सुरक्षा अधिकारियों ने हेलमंड प्रांत में अवैध तरीके से सीमा पार कर पाकिस्तान जा रहे गेहूं लदे 50 ट्रकों को रोका। तालिबान के सूचना और संस्कृति निदेशक हाफिज रशीद हेलमंडी ने बताया कि इससे पहले भी 30 मई को हेरात-कंधार हाईवे पर गेहूं से लदे अन्य ट्रक भी पकड़े गए थे।
अधिकारियों एक दल काबुल पहुंचा
गौरतलब है कि भारत ने पिछले सप्ताह अफगानिस्तान को भेजी जा रही मानवीय मदद की निगरानी और डिलीवरी प्रक्रिया देखने के लिए अधिकारियों का एक दल काबुल भेजा था। इसने तालिबान के अधिकारियों के साथ नई दिल्ली से भेजी गई मदद पर वार्ता भी की। तालिबान के सत्ता में आने के बाद से यह अपनी तरह का पहला दौरा था। अफगान समाज के सभी वर्गों ने भारत की विकास और मानवीय सहायता का दिल खोलकर स्वागत किया था। बताया जा रहा है कि भारत को भी पाकिस्तानी लूट की खबर है। इसीलिए यह दल तालिबान से वार्ता करने भेजा था।
ईरान के रास्ते अफगानिस्तान जाएगी मदद
भारत ने मदद वाया पाकिस्तान के बजाय ईरान के चाबहार पोर्ट से होकर भेजने पर तालिबान की सहमति मांगी है। भारत चाहता है कि पश्चिमी तट स्थित मुंबई, कांडला या मूंदरा बंगरगाह से ईरान के चाबहार समुद्री रास्ते से मदद की डिलीवरी हो। इसके बाद यहां से यह जमीन के रास्ते हेरात होकर पहुंच सकता है। इससे पंजाब सीमा पर खराब होने वाला समय भी बचेगा, जहां भारतीय ट्रक खाली होने के इंतजार में लंबे समय तक लाइन में लगे रहते हैं। खबरों के मुताबिक, तालिबान ने भी रूट परिवर्तन पर सहमति जता दी है।
50 हजार मीट्रिक टन गेहूं भेजा
इससे पहले भारत ने घोषणा की थी कि वह पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान को पचास हजार मीट्रिक टन गेहूं भेजेगा। भारत से 26 फरवरी को पहली खेप पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान पहुंची थी। इसके बाद दूसरा काफिला 3 मार्च को रवाना हुआ था। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान को मानवीय सहायत के लिए गेहूं और दवाओं के परिवहन की मंजूरी दी थी। मानवीय सहायता के लिए परिवहन के लिए दी गई समयावधि 21 मार्च को समाप्त हो गई। तब तक भारत अफगानिस्तान को चौथी खेप भेज चुका था।












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