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भारत को घमंडी बताकर क्या पाकिस्‍तान PM इमरान खान इस हकीकत से बच पाएंगे?

इस्‍लामाबाद। पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान जिन्‍होंने जुलाई में हुए आम चुनावों में बड़ी जीत हासिल की। अगस्‍त में उन्‍होंने सत्‍ता संभाली और सितंबर में उन्‍होंने भारत के सामने विदेश मंत्री स्‍तर की वार्ता का प्रस्‍ताव रखा। तीन माह से लगातार खबरों में हैं और भारत के साथ वार्ता की पेशकश ने उन्‍हें अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर लाइमलाइट दिला दी। शुक्रवार को भारत ने वार्ता कैंसिल की और इसके बाद इमरान ने ट्वीट करके अपना गुस्‍सा निकाला। भारत ने जम्‍मू कश्‍मीर में बीएसएफ जवान की निर्ममता से हत्‍या और फिर दक्षिण कश्‍मीर में तीन पुलिसकर्मियों के आतंकियों के हाथों कत्‍ल होने के बाद वार्ता को कैंसिल किया था। लेकिन इमरान ने कहा कि भारत ने यह फैसला घमंड में आकर लिया है और बड़े पदों पर बैठे छोटे लोग अक्‍सर ऐसे ही फैसले लेते हैं। इमरान जो भारत को 'घमंडी' देश करार दे रहे हैं दरअसल उनका देश खुद एक मुगालते में जी रहा है। पाकिस्‍तान यह मानना ही नहीं चाहता है कि उसके यहां आतंकियों को सुरक्षित पनाहगार मिली हुई है। इमरान शायद यह भूल गए हैं कि पिछले 12 वर्षों से अमेरिका के किसी राष्‍ट्रपति ने उनके देश का दौरा नहीं किया है और वजह है आतंकवाद।

बुश बोले पाकिस्‍तान आतंकियों पर सख्‍त नहीं हो सकता

बुश बोले पाकिस्‍तान आतंकियों पर सख्‍त नहीं हो सकता

साल 2006 में अमेरिका के तत्‍कालीन राष्‍ट्रपति जॉर्ज डब्‍लूय बुश ने पाकिस्‍तान का दौरा किया था। तीन दिन का भारत दौरा खत्‍म करके बुश पाकिस्‍तान गए थे और उस समय पूर्व सेनाध्‍यक्ष जनरल परवेज मुशर्रफ पाकिस्‍तान का नेतृत्‍व कर रहे थे। बुश का दौरा अहम था क्‍योंकि अमेरिका पर 11 सितंबर 2001 को हुए आतंकी हमलों के बाद से ही पाकिस्‍तान के साथ रिश्‍ते काफी बिगड़ गए थे। बुश दौरा करने के बाद भी पाक से खुश नहीं थे। बुश ने साल 2010 में एक किताब लिखी थी जिसका टाइटल था, 'डिसिजन प्‍वाइंट्स' और इसमें बुश ने वह सब लिखा जो उन्‍होंने दौरे के बाद फील किया। बुश ने किताब में लिखा था कि पाकिस्‍तान किसी भी तरह से आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकता है। पाक के बर्ताव से नाराज बुश ने ही आतंकियों को निशाना बनाते हुए ड्रोन हमलों का आदेश दे डाला था। बुश ने हालांकि यह माना था कि पाक को भी आतंकवाद की बड़ी कीमत अदा करनी पड़ रही है। बुश ने लिखा, 'पिछले कुछ समय में यह साफ हो चुका है कि मुशर्रफ या तो अपना वादा पूरा नहीं करेंगे या फिर वह करना नहीं चाहते हैं। पाकिस्‍तान की इंटेलीजेंस सर्विस (आईएसआई) में कुछ लोग ऐसे हैं तो तालिबान अधिकारियों के करीब हैं।'

बराक ओबामा ने हमेशा किया पाक को नजरअंदाज

बराक ओबामा ने हमेशा किया पाक को नजरअंदाज

बुश के जाने के बाद सत्‍ता डेमोक्रेटिक पार्टी के बराक ओबामा के हाथ आईं। साल 2009 में ओबामा व्‍हाइट हाउस पहुंचे और साल 2010 में वह अपने पहले भारत दौरे पर आए। उस समय पाकिस्‍तान में इस बात को लेकर काफी तैयारियां थीं वह शायद पाक का दौरा भी करें। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और ओबामा ने वादा किया कि वह इस्‍लामाबाद जरूर आएंगे। साल 2013 में पाक में नवाज शरीफ की सरकार आई और जनवरी 2015 बतौर मुख्‍य अतिथि ओबामा दोबारा भारत के दौरे पर आए। ओबामा दो बार भारत का दौरा करने वाले पहले अमेरिकी राष्‍ट्रपति बने। जब उन्‍होंने भारत की ओर से गणतंत्र दिवस परेड के मौके पर मुख्‍य अतिथि बनने का निमंत्रण स्‍वीकार किया तो उन्‍होंने फिर से पाक को वादा किया कि कार्यकाल खत्‍म होने से पहले वह जरूर पाकिस्‍तान का दौरा करेंगे। लेकिन फिर पाक इंतजार करता रहा।

लादेन के खिलाफ पाक में स्‍पेशल मिशन

लादेन के खिलाफ पाक में स्‍पेशल मिशन

पाक के दौरे पर तो जाना दूर की बात पूर्व अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा ने अल कायदा के सरगना और 9/11 हमले के मास्‍टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को खत्‍म करने के लिए पाकिस्‍तान में खास मिशन की मंजूरी तक दे डाली। मई 2011 में हुए इस स्‍पेशल ऑपरेशन के बाद पाक और अमेरिका के बीच दूरियां और बढ़ गईं। व्‍हाइट हाउस की तरफ से साल 2016 में इस मसले से जुड़े एक सवाल का जवाब भी दिया गया था। व्‍हाइट हाउस ने कहा, 'अमेरिका के पाकिस्‍तान के साथ रिश्‍ते काफी जटिल है खासतरै पर तब जब आपको यह लगे कि आप राष्‍ट्रीय सुरक्षा के हित से समझौता कर रहे हैं, ये और जटिल हो जाते हैं।' व्‍हाइट हाउस के प्रेस सेक्रेटरी जोश अर्नेस्‍ट ने उस समय कहा था कि पिछले आठ वर्षों में अमेरिका और पाकिस्‍तान के रिश्‍ते सहीं नहीं रहे और ओबामा के ओसामा के खिलाफ मिशन को दी गई मंजूरी के बाद और मुश्किल हो गए हैं।

डोनाल्‍ड ट्रंप भी नाराज

डोनाल्‍ड ट्रंप भी नाराज

रिपब्लिकन पार्टी के राष्‍ट्रपति को पाकिस्‍तान के लिए हमेशा से नरम दिल रखने वाला राजनेता माना जाता रहा है। लेकिन वर्तमान समय में रिपब्लिकन पार्टी के अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप भी पाक से खासे नाराज हैं। उन्‍होंने न सिर्फ पाकिस्‍तान की मदद रोक दी है बल्कि यह भी साफ कर दिया है कि जब तक आतंकियों के खिलाफ एक्‍शन नहीं लिया जाता तब तक कोई भी मदद नहीं मिलेगी। ट्रंप पहले ही बोल चुके हैं कि पाकिस्‍तान ने हमेशा अमेरिका का फायदा उठाया है और आतंकवाद के मसले पर उसे मूर्ख बनाया है।

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