पाकिस्तान के अबोटाबाद में LeT,JeM, हिजबुल ने बनाए आतंकी कैंप, क्या लादेन के सफाए जैसा ऑपरेशन चलाएगा भारत?
पाकिस्तान का अबोटाबाद एक बार फिर से आतंकवादियों से आबाद हो गया है। यहां लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba), हिजबुल मुजाहिदीन (Hizbul Mujahideen) और जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) जैसे आतंकी संगठनों ने अपने ट्रेनिंग कैंप खोल लिए हैं, जो भारत के खिलाफ आतंकवादी अभियानों के लिए कुख्यात हैं। अबोटाबाद वही जगह है जहां 2011 में अमेरिका ने अल-कायदा (Al-Qaeda) के सरगना ओसामा बिन लादेन (Osama Bin Laden) को पाकिस्तान में घुसकर ढेर कर दिया था।
एनडीटीवी ने इंटेलिजेंस सूत्रों के हवाले से यह रिपोर्ट दी है। इसके मुताबिक भारत में प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों ने अबोटाबाद में संयुक्त ट्रेनिंग कैंप स्थापित कर लिए हैं। यह तीनों ही आतकंवादी संगठन भारत में आतंकवाद फैलाने के लिए जाने जाते हैं और पिछले कुछ समय से भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने इनकी नकेल कस रखी है।

अबोटाबाद में ही ढेर हुआ था अल-कायदा सरगना लादेन
अबोटाबाद वही जगह है, जहां अल-कायदा का सरगना ओसामा बिन लादेन अमेरिका में 9/11 के हमले के बाद से लगभग एक दशक से छिपकर पनाह लिए हुआ था। पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों की सुरक्षा में वह यहीं से वह दहशतगर्दी का ऑपरेशन चला रहा था।
इसे भी पढ़ें- Explainer: कश्मीर में उमर अब्दुल्ला की सरकार बनने के बाद अचानक क्यों बढ़े आतंकी हमले?
लेकिन, जब अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों को उसके और उसके पाकिस्तानी रहनुमाओं की करतूतों की भनक लग गई तो उसने उसे उसके ठिकाने पर ही साफ करने की रणनीति तैयार की।
9/11 के 10 साल बाद ढेर हुआ था लादेन
मई, 2011 में अमेरिकी स्पेशल फोर्स ने एक बहुत ही सधे हुए सुरक्षा अभियान में उसके ठिकाने पर ही घुसकर उसे ढेर कर दिया। इस पूरे अभियान पर खुद तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा नजर बनाए हुए थे। एक साल बाद लादेन के ठिकाने को पाकिस्तानी सरकार ने दुनिया को दिखाने के लिए तबाह कर दिया था।
आतंकी ट्रेनिंग कैंप को मिली है पाकिस्तानी फौज की सुरक्षा!
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक आतंकी संगठन अभी जो दहशतगर्दी कैंप संचालित कर रहे हैं, वह पाकिस्तानी सेना की जमीन पर है और पाकिस्तानी फौज के एक ठिकाने से सटा हुआ है। इसी वजह से उसे आतंकियों के लिए 'सेफ जोन' माना जा रहा है। फौज के ठिकाने के पास होने की वजह से इन आतंकियों को पुख्ता सुरक्षा मिल रही है और वहां पर किसी बाहरी का पहुंच पाना लगभग नामुमकिन है।
आईएसआई की निगरानी में चल रहा है आतंकियों का ट्रेनिंग कैंप!
सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि वहां पर पुरुष और महिला आतंकवादियों को पाकिस्तानी खुफिया संस्था आईएसआई की निगरानी में ट्रेनिंग दी जा रही है। अभी इस बात की पुख्ता सूचना नहीं है कि जिस जगह पर ये आतंकी कैंप बनाए गए हैं, क्या वे उसी स्थान पर हैं, जहां कभी लादेन का ठिकाना हुआ करता था।
कश्मीर घाटी में आतंकी वारदातों में बढ़ोतरी के बीच आई है ये खबर
पाकिस्तान की जमीन पर भारत में सक्रिय रहे आतंकी संगठनों के ट्रेनिंग कैंप से जुड़ी खबर तब सामने आई है, जब जम्मू और कश्मीर में अचानक आतंकी वारदातों में इजाफा हो गया है। पिछले 10 दिनों में ही वहां कई नागरिक आतंकियों के हमले के शिकार हुए हैं और भारतीय सैनिकों को भी शहादत देनी पड़ी है।
क्या अमेरिका जैसा ऑपरेशन चलाएगा भारत?
ऐसे में सवाल है कि क्या भारत लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन और जैश-ए-मोहम्मद के ट्रेनिंग कैंप को नेस्तनाबूद करने के लिए वैसे ही ऑपरेशन को अंजाम देगा, जैसा कि अमेरिका ने अल-कायदा के सरगना ओसामा बिन लादेन को हमेशा के लिए ठिकाने लगाने के लिए किया था।
क्योंकि, मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में भारतीय सुरक्षा बलों ने पुलवामा हमले का बदला पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी ट्रेनिंग कैंप पर एयरस्ट्राइक करके और उरी हमले के जवाब में पाकिस्तान में घुसकर आतंकी प्रशिक्षण शिविरों पर सर्जिकल स्ट्राइक करके ले चुकी है।












Click it and Unblock the Notifications