'वैक्सीन की प्रिंटिंग डिवाइस' COVID-19 की दुश्मन! मेडिकल साइंस की अनोखी खोज, Virus पर घातक प्रहार
दुनिया में अब किसी भी संक्रामक वायरस के प्रसार से पहले उसके अंत का पूरा प्रबंध होगा। ये दावा मेडिकल एक्सपर्ट एक खास डिवाइस के दम पर कर रहे हैं, जो हाल में खोजी गई।

Mobile Printing device for COVID-19: मेडिकल साइंस के क्षेत्र में कोरोना वायरस जैसे विषाणुओं को नष्ट करने के लिए कई अहम शोध किए गए हैं। हाल ही यूएसए के मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के साइंटिस्ट्स ने एक अनोखी खोज की है। शोधकर्ताओं ने एक छोटी प्रिंटिंग डिवाइस विकसित की है, जो कोविड-19 और अन्य बीमारियों के लिए वैक्सीन पैच तैयार कर सकती है। रिसर्च से जुड़े एक्सपर्ट ने दावा किया है कि ये डिवाइस असानी से कहीं भी ले जाकर प्रयोग की जा सकती है।
पैच दिखाएगा वैक्सीन का असर
एमआईटी इंस्टीट्यूट के साइंटिस्ट्स का दावा है कि वैक्सीन के लिए बनाई गई प्रिंटिंग डिवाइस हाथ में एक पैच बनाएगी, जिससे ये पता चलेगा की वैक्सीन शरीर पर क्या असर डाल रही है। ये प्रिंटिंग मशीन के जरिए ये पैच आसानी से लगाए जा सकेंगे। इसमें किसी प्रकार का दर्द नहीं होगा। साइंटिस्ट्स ये डिवाइस COVID-19 और पोलियो, खसरा और रूबेला सहित अन्य बीमारियों के लिए विकसित कर रहे हैं।
बेहद छोटी है डिवाइस
शोध करने वाली मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के साइंटिस्ट्स की टीम का कहना है कि मोबाइल प्रिंटिंग मशीन के जरिए लगाए जाने वाले पैच के जरिए कोरोना जैसे वायरस के संक्रमण को ट्रैक कर पाना आसान होगा। ये डिवाइस काफी हेल्पफुल है। भविष्य में कोरोना जैसी किसी भी महामारी के दौरान वायरस से निपटने में ये अहम साबित हो सकती है। ये डिवाइस 2-सेंटीमीटर चौड़ा पैच प्रिंट करता है, पैच के जरिए शरीर कीत्वाचा पर सैकड़ों छोटी सुइयां बनती हैं, जो शरीर में वैक्सीन सामग्री के प्रभाव का पता लगाती हैं।
प्रिंटिंग डिवाइस रखना बेहद आसान
शोधकर्ताओं ने कहा कि नए प्रिंटर के जरिए फाइजर और मॉडर्ना के कोविड-19 टीकों के साथ परीक्षण किया गया। इसके बाद अब साइंटिस्ट्स इस डिवाइस का प्रयोग अन्य टीकों के लिए भी करने की योजना बना रहे हैं। मॉडर्ना के को- फाउंडर रॉबर्ट लैंगर के कोरोना वैक्सीन के लिए बनाई गई मोबाइल प्रिंटिंग डिवाइस से जुड़े शोध लेखकों में शामिल हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय न्यूज एजेंसी एएफपी की ओर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि उम्मीद है कि प्रिंटर का इस्तेमाल भविष्य में कोरोना जैसी महामारी के संकट के दौर में अहम होगा।
कैसे काम करती है प्रिंटिंग डिवाइस
शोधकर्ताओं ने कहा मोबाइल प्रिंटिंग डिवाइस के जरिए 48 घंटे में वायरस से संक्रमित अलग- अलग व्यक्तियों के शरीर पर 100 पैच तक तैयार किए जा सकते हैं। लेकिन अगर इसे अपडेट कर दिया जाए तो एक दिन में 1000 प्रिंट तैयार किए जा सकेंगे। लिफोर्निया के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के केमिकल एक्सपर्ट जोसेफ डेसिमोन ने कहा कि ये डिवाइस बेहद अहम है। क्योंकि इसके जरिए वायरस पर नियंत्रण के लिए बने टीकों के मांग को निर्धारित करेगी।
इन कंपनियों ने बनाए पैच एडिशन
पैच शरीर में संक्रमण को पता लगाने के लिए बनाए जाएंगे, जिसके जरिए मोबाइल प्रिंटिंग मशीन वायरस को ट्रैक करेगी। DeSimone ने माइक्रोनीडिल पैच के लिए प्रोडक्ट भी तैयार किया है। स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के केमिकल एक्सपर्ट जोसेफ डेसिमोन ने दावा किया है कि ये डिवाइस अगर अपने उद्देश्यों पर खरा उतरती है तो आरएनए टीकों की कमी नहीं होने पाएगी। वायरस पर नियंत्रण के लिए टीकों को समय पर तैयार किया जा सकेगा।












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