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TikTok:जुडिशरी पर क्यों भड़की इमरान खान की सरकार, फवाद चौधरी ने बताया आर्थिक संकट के लिए जिम्मेदार

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इस्लामाबाद, 30 जून: चाइनीज ऐप टिकटॉक पर बैन लगाने के सिंध हाई कोर्ट के हालिया आदेश पर पाकिस्तान की इमरान खान की सरकार न्यायपालिका पर भड़क गई है। इमरान खान की सरकार का कहना है कि इस तरह की न्यायिक सक्रियता से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था का बंटाधार हो रहा है। गौरतलब है कि टिकटॉक को लेकर पाकिस्तान में भी बहुत विवाद हो चुका है और अश्लीलता को रोकने के नाम पर वहां की अदालतें कई बार उसपर पाबंदी लगाने का आदेश दे चुकी हैं। लेकिन, पहले टिकटॉक ने अदालतों से वादा किया था कि वह पाकिस्तानी कानूनों और उसकी संस्कृति की मर्यादा का पालन करेगा। लेकिन, जब फिर से वही सब शुरू हो चुका है तो उसके खिलाफ सिंध हाई कोर्ट में याचिका डाली गई थी, जिसपर यह आदेश आया है और अगली सुनवाई 8 जुलाई को होनी है। लेकिन, उससे पहले ही इमरान सरकार के बड़बोले मंत्री फवाद हुसैन ने जुडिशरी के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है।

टिकटॉक पर बैन के आदेश पर भड़की इमरान सरकार

टिकटॉक पर बैन के आदेश पर भड़की इमरान सरकार

पाकिस्तान के डॉन न्यूज के हवाले से खबर है कि वहां के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने ट्वीट करके कहा है कि न्यायिक सक्रियता से पाकिस्तान को करोड़ों डॉलर का नुकसान हो चुका है। चौधरी ने कहा है कि 'टिकटॉक को बैन करने और एनबीपी के प्रेसिडेंट को हटाने के आदेश के बारे में पढ़कर मेरा माथा घूम रहा है। अदालतें कर क्या रही हैं ? न्यायपालिका की सक्रियता से देश को पहले ही करोड़ों डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा है।' सोमवार को सिंध हाई कोर्ट ने अपने आदेश में पाकिस्तान टेलिकॉम्युनिकेशन अथॉरिटी (पीटीए) को आदेश दिया था कि केस की अगली सुनवाई होने तक देश में टिकटॉक को निलंबित कर दिया जाए। अगली सुनवाई 8 जुलाई को रखी गई है।

इस्लाम के मूल निषेधों के उल्लंघन का आरोप

इस्लाम के मूल निषेधों के उल्लंघन का आरोप

अपने आदेश में सिंध हाई कोर्ट ने कहा है कि चाइनीज ऐप ने पहले कई अदालतों के सामने जो लगातार वादे किए हैं और भरोसा दिया है, उसने उसका पालन नहीं किया है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि चाइनीज प्लेटफॉर्म पाकिस्तानी कानून और इस्लाम के मूल निषेधों और साथ ही साथ पाकिस्तान की संस्कृति का सम्मान करने में नाकाम रहा है। इसके उलट इसने हाल में 'एलजीबीटी गौरव माह' मनाने के लिए सोशल मीडिया पर कैंपेन शुरू कर दिया है। मार्च में पेशावर हाई कोर्ट ने भी पीटीए को समाज में अश्लीलता फैलाने के लिए टिकटॉक पर रोक लगाने का आदेश दिया था। अदालत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के खिलाफ याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश जारी किया था।

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टिकटॉक पर वादे से मुकरने का आरोप

टिकटॉक पर वादे से मुकरने का आरोप

इससे पहले पिछले साल अक्टूबर में पाकिस्तान में टिकटॉक को अनैतिक सामग्री परोसने के लिए कुछ दिनों तक बैन किया गया था। हालांकि, बाद में पीटीए ने इन शर्तों और चेतावनियों के साथ उसे फिर से चलाने की इजाजत दे दी थी कि वह पाकिस्तान के कानूनों का पालन करेगा और अपने प्लेटफॉर्म को नग्नता और गंदी सामग्री फैलाने के लिए इस्तेमाल नहीं करेगा, जिससे कि वहां के सामाजिक मूल्यों पर विपरीत असर पड़े। बता दें कि पाकिस्तान में टिकटॉक बैन का मामला सिर्फ वहां की अर्थव्यवस्था से ही नहीं जुड़ा है, पाकिस्तान और चीन के राजनयिक संबंधों में भी इसकी जड़ें जमी हुई हैं। टिकटॉक का पाकिस्तान में बैन होना चीन की शी जिनपिंग के सरकार की छवि के लिए भी बट्टा है और ऐसा होने देने की कूटनीतिक गलती इमरान सरकार कभी नहीं होने देगी।

English summary
Imran Khan's government furious over the court's order to ban Chinese app Tiktok in Pakistan, blamed judicial activism for the economic crisis
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