हेमराज का सिर काटे जाने और पाक के नए आर्मी चीफ का क्या है कनेक्शन
पाकिस्तान आर्मी चीफ जनरल राहील शरीफ हो रहे 29 नवंबर को रिटायर होंगे और लेफ्टिनेंट जनरल इशफाक नदीम अहमद को कमान मिलने की संभावना। वर्ष 2013 में जब पाक सेना ने हेमराज का सिर काटा था तो अहमद थे डीजीएमओ।
इस्लामाबाद। बस कुछ दिन बचे हैं जब रावलपिंडी में सत्ता बदल जाएगी। पाकिस्तान आर्मी के चीफ जनरल राहील शरीफ 29 नवंबर को रिटायर हो जाएंगे और उनके जाने के बाद पाक आर्मी के अगले चीफ के तौर पर लेफ्टिनेंट जनरल इशफाक नदीम अहमद के नाम की चर्चाएं हो रही हैं।

मुंहफट इशफाक नदीम अहमद
इशफाक अहमद जनरल शरीफ से अलग दो-टूक बात करने वाले हैं और वह काफी मुहंफट भी हैं। उनकी नियुक्ति को लेकर खुद प्रधानमंत्री नवाज शरीफ भी चिंतित हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल इशफाक नदीम अहमद की नियुक्ति पाकिस्तान में सरकार और सेना के बीच की खाई को और चौड़ा करेगी।
हेमराज की घटना के समय पाक डीजीएमओ
अगर लेफ्टिनेंट जनरल इशफाक अहमद नए आर्मी चीफ होंगे तो वह भारत के खिलाफ उसी एजेंडे को आगे बढ़ाएंगे जिसे जनरल राहील शरीफ अधूरा छोड़कर जाएंगे।
छह जनवरी 2013 को जब पाकिस्तान सेना ने पुंछ में दाखिल होकर इंडियन आर्मी के जवान हेमराज का सिर काटा था तो इशफाक पाक के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (डीजीएमओ) थे।
इशफाक अप्रैल 2011 में पाक के डीजीएमओ नियुक्त हुए और अगस्त 2013 तक इस पद पर रहे थे।
हेमराज की घटना के समय पाक ने इस बात से साफ इंकार कर दिया था कि उसकी सेना का इस घटना से कोई लेना-देना है।
जनरल शरीफ के करीबी
इशफाक, जनरल शरीफ के करीबी हैं और जनरल की पहली पसंद भी हैं। मुल्तान स्थित II कॉर्प्स के कमांडर नदीम अहमद पाकिस्तान के एंटी-टेररिज्म ऑपरेशन जर्ब-ए-अज्ब की रणनीति तैयार करने वाले मुख्य ऑफिसर थे।
पाक में नया सेना प्रमुख उस समय आएगा जब एलओसी पर तनाव पिछले कई वर्षों की तुलना में एक नए स्तर पर पहुंच चुका है। रोजाना फायरिंग हो रही है और कई लोगों की जान जा रही है।
आपको बता दें कि मुल्तान की II कॉर्प्स के कमांड को वर्ष 1971 में भारत और पाक के बीच हुए युद्ध के बाद गठित किया गया था।
इशफाक नहीं हैं पीएम शरीफ की पसंद
सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री शरीफ इस पद के लिए बहावलपुर कॉर्प्स के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल जावेद इकबाल रामदे को लाना चाहते थे।
29 नवंबर को ही पाक में चेयरमैन ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी या सीजेसीएससी की भी नियुक्ति होनी है।
इस पद पर आने वाले ऑफिसर पर परमाणु हथियारों की जिम्मेदारी होती है। ऐसा हो सकता है कि लेफ्टिनेंट जनरल जुबेर हयात को आर्मी चीफ बनाया जाए और इशफाक नदीम अहमद को सीजेसीएससी पद पर नियुक्त कर दिया जाए।
सेना का नियुक्ति में अहम रोल
पाक में सेना प्रमुख की नियुक्ति सरकार की ओर से होती है लेकिन इसमें सेना का रोल काफी अहम होता है। वर्ष 1999 में जब प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने उस समय के आईएसआई प्रमुख जियाउद्दीन बट को जनरल परवेज मुशर्रफ को हटाकर सेना प्रमुख बनाया।
उससे पहले काफी दिनों तक सेना से सलाह ली गई थी और उस समय पाक सेना का नियंत्रण मुशर्रफ के हाथ में ही था।
भारत के लिए एक ही मकसद
भारत को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि सेना का प्रमुख कौन बनेगा क्योंकि जो भी बनेगा उसका मकसद सिर्फ एक ही होगा।
विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत के लिए यह बिल्कुल भी कोई मसला नहीं है कि अगला प्रमुख होगा। बल्कि यह पीएम नवाज शरीफ के लिए ज्यादा अहम होगा।












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