पीएम मोदी ने छेड़ा बलूचिस्तान का जिक्र तो डर गया पाकिस्तान
जेनेवा। 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब लाल किले से बलूचिस्तान का जिक्र किया तो वह भारत के पहले ऐसे प्रधानमंत्री बन गए जिन्होंने बलूचिस्तान की बात आजादी के मौके पर की। संयुक्त राष्ट्रसंघ के मानवाधिकार आयोग में बलूच प्रतिनिधि मेहरान मार्री का कहना है कि जब से पीएम मोदी ने बलूचिस्तान का जिक्र किया है तब से ही पाकिस्तान डरा हुआ है।

उड़ी है पाक सेना और सरकार की नींद
मार्री ने पीएम मोदी का शुक्रिया अदा किया जो उन्होंने बलूचिस्तान में पाकिस्तान सेना और सरकार के जुल्मों के बारे में बात की। मार्री ने कहा कि जब से पीएम मोदी ने बात छेड़ी है तब से ही पाक सेना और सरकार की नींद उड़ी हुई है। मार्री के मुताबिक हाल के हफ्तों में पाक सेना ने अपने मिलिट्री ऑपरेशन को बलूचिस्तान के कई हिस्सों में काफी तेज कर दिया है।
बलूचिस्तान के नागरिकोंं का अपहरण
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने बलूचिस्तान का जिक्र कर पाकिस्तान पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया है कि पिछले हफ्ते से पाक सेना ने जो मिलिट्री ऑपरेशन बलूचिस्तान में शुरू किया है उसमें कई हमलें हुए हैं और कई नागरिकों का अपहरण किया गया है।
मार्री के मुताबिक पिछले हफ्ते भी भारत की ओर से यूएनएचआरसी में बलूचिस्तान का मुद्दा उठाए गया है। वह और तमाम बलूच लोग भारत के अहसानमंद हैं और अब उन्हें एक नई उम्मीद जगने लगी है। उन्होंने बताया कि बलूचिस्तान के लोग
अब भारत पर भरोसा करने लगे हैं।
अमेरिका से नाराज
वहीं उन्होंने अमेरिका पर आरोप भी लगाया कि वह बलूचिस्तान के सच से वाकिफ है लेकिन चुप है। उन्होंने अमेरिका से अपील की कि वह इस हिस्से में पाक एजेंसियों और पाक सेना के गंदे खेल पर ध्यान दें और अपनी नीतियो में बदलाव लाए। उन्होंने कहा कि अमेरिका भी भारत और अफगानिस्तान की तरह इस दिशा में कदम उठाए।












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