पाकिस्तान की संस्था ने ऑनर किलिंग को बताया गैर-इस्लामिक
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में धार्मिक मामलों से जुड़ी एक संवैधानिक संस्था इस्लामी नज़रियाती काउंसिल ने प्रतिष्ठा के नाम पर होने वाली हत्याओं यानी ऑनर किलिंग को गैर-इस्लामी और गैर कानूनी करार दिया है।

सिर्फ कोर्ट को ही फैसले का अधिकार
यह काउंसिल समाज और कानून से जुड़े धार्मिक पहुलओं पर पाकिस्तान सरकार को सलाह देती है और इसे पाकिस्तान में काफी महत्व दिया जाता है।
काउंसिल ने अपने एक बयान में कहा कि ऐसे मामलों में किसी व्यक्ति को निर्दोष या दोषी साबित करने का अधिकार कोर्ट को है। आपको बता दें कि पिछले हफ़्ते लाहौर में एक मां ने अपनी बेटी को इसलिए जिंदा जला दिया था कि उसने अपनी मर्जी से शादी कर ली थी।
मौलोवियों ने जारी किया फतवा
इस मामले को लेकर पाकिस्तान में बेहद गुस्सा है। इससे पहले भी ऑनर किलिंग के कई मामले पाकिस्तान में सुर्खियों में रहे हैं।
रविवार को मौलवियों के एक समूह ने फतवा जारी करते हुए ऑनर किलिंग को इस्लाम की शिक्षाओं के ख़िलाफ बताया है।अब इस पर नजरियाती काउंसिल के फैसले को बेहद अहम माना जा रहा है।
2015 में 1100 महिलाओं की हत्या
वहीं पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग का कहना है कि पिछले साल ऐसी महिलाओं की संख्या 1100 के ज्यादा रही जिन्हें उन्हीं के रिश्तेदारों ने कत्ल किया था। इन सभी महिलाओं को इज्जत के नाम की गई हत्याएं हैं।












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