रूस की सेना पहुंची पाकिस्तान, पहली बार 17 दिनों तक होगा युद्धाभ्यास
इस्लामाबाद। रूस की थल सेना के जवान पहली बार पाकिस्तान के साथ युद्धाभ्यास करने के लिए पाकिस्तान पहुंच गए हैं। पाकिस्तान के जनरल आसिम बाजवा ने इस बात की जानकारी दी है।

उन्होंने बताया कि पहली बार दोनों देश संयुक्त रूप से 17 दिनों तक 24 सिंतबर से 10 अक्टूबर 2016 तक युद्धाभ्यास करेंगे।
पहले खबर आई थी कि नहीं होगा युद्धधअभ्यास
आपको बताते चलें कि इससे पहले खबर आई थी कि उरी में हुए आतंकी हमले में शहीद 18 जवानों की शहादत के बाद पाकिस्तान को अलग-थलग करने की भारत की मुहिम में रूस ने भारत का साथ दिया है और पाकिस्तान के साथ होने वाले युद्धअभ्यास को टाल दिया है। साथ ही पाकिस्तान को दिए जाने वाले MI-35 हेलिकॉप्टर देने से भी इंकार कर दिया है।
यह भी खबर थी कि रूस ने पाकिस्तान के साथ हुए 3 MI-हैलिकॉप्टरों की डील को भी समाप्त कर दिया है। पर इस संयुक्त रूप से शुरु होने वाले सैन्य अभ्यास ने पहले आई खबरों को गलत साबित कर दिया हैं।
पाकिस्तान के रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक इस संयुक्त के बाद दोनों देशों के सैनिकों के बीच आपसी तालमेल बढ़िया होगा। साथ ही इस संयुक्त अभ्यास के दौरान दोनों देशों के बीच कुछ सैन्य समझौते भी हो सकते हैं।

200 सैनिक होंगे अभ्यास का हिस्सा
इस वर्ष के अंत में रूस और पाकिस्तान के करीब 200 सैनिक एक वॉर एक्सरसाइज में हिस्सा लेने वाले हैं। पाक मीडिया ने इस बाबत एक खबर दी थी। यह संयुक्त सैन्य अभ्यास इसलिए भी काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि रूस शीत युद्ध के समय से ही पाक का विरोधी था।
यह युद्धाभ्यास दोनों देशों के रिश्तों को एक नया मुकाम दे सकता है। यूक्रेन संकट के बाद से ही रूस और पाकिस्तान के रिश्ते पहले की तुलना में काफी बेहतर हुए हैं।
जहां भारत को अमेरिका के तौर पर एक नया रक्षा साझीदार मिला है तो वहीं पाक को भी अब रूस के तौर पर एक नया दोस्त मिल गया है।

पहली बार पाकिस्तान रूस से खरीदेगा फाइटर जेट
पाक न्यूजपेपर द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने रूस में पाक के राजदूत काजी खलीलुल्लाह के हवाले से लिखा था कि यह पहला मौका होगा जब दोनों देशों की सेनाएं आपस में अभ्यास करेंगे। पाक ने रूस से कुछ फाइटर जेट्स खरीदने की भी इच्छा जाहिर की है।
पाक के राजदूत खलीलुल्लाह ने बताया कि इस एक्सरसाइज का नाम 'फ्रेंडशिप 2016' है। इस युद्धाभ्यास के बाद दोनों देशों के बीच रक्षा और सैन्य तकनीक क्षेत्र में साझीदारी बढ़ने की उम्मीद है।

अमेरिका के साथ पाक के रिश्ते इन दिनों काफी तल्ख
पिछले 15 माह में पाक के आर्मी, एयरफोर्स और नेवी चीफ रूस का दौरा कर चुके हैं। पिछले वर्ष अगस्त में पाक ने रूस से एम-35 खरीदने की डील पक्की कर ली है।
वहीं अमेरिका के साथ पाक के रिश्ते इन दिनों काफी तल्ख हैं। पिछले दिनों जब अमेरिका ने पाक को एफ-16 फाइटर जेट्स देने से जुड़ी डील पर रोक लगाई तो तल्खियां सामने आ गईं। इसके बाद पाक को मिलने वाली 300 मिलियन डॉलर की रकम को भी देने से अमेरिका ने मना कर दिया था।












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