Noida: 25 लाख की MDMA के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार, जानिए कितनी खतरनाक होती है ये सिंथेटिक ड्रग
जिस एमडीएमए (MDMA) की 250 से ज्यादा गोलियों के साथ ये 3 तस्कर पकडे गए हैं, ये खतरनाक ड्रग ज्यादातर क्लबों और रेव पार्टियों में युवाओं को अपना शिकार बनाती है। न जाने कितने युवा इसके इस्तेमाल से अबतक अपनी जान गंवा चुके हैं

उत्तर प्रदेश के नोएडा से तीन नशा तस्करों को बेहद ही खतरनाक और महंगी ड्रग के साथ गिरफ्तार किया गया है। एमडीएमए (MDMA) या एक्सटेसी (Ecstasy) नाम से प्रसिद्ध यह ड्रग ज्यादातर रेव पार्टियों या क्लबों में नशे के लिए बड़े स्तर पर इस्तेमाल की जाती है। बताया जा रहा है कि जिन तीन तस्करों को पुलिस ने नोएडा से गिरफ्तार किया है, उसमे एक महिला भी शामिल है।

25 लाख की ड्रग समेत 3 गिरफ्तार
नोएडा पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने तीन नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। जिनमें एक महिला भी शामिल है। जानकारी अनुसार पुलिस ने इनके पास से जो ड्रग बरामद की है, उसकी कीमत 25 लाख के आसपास है। पुलिस ने इनके पास से कुल ड्रग्स की 289 एमडीएमए (MDMA) की गोलियां बरामद की हैं। जानकारी के मुताबिक, आरोपी इन गोलियों का इस्तेमाल रेव पार्टी में किया करते थे।

क्या होती है एमडीएमए (MDMA) ड्रग?
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एमडीएमए (MDMA), जिसे आमतौर पर टैबलेट और क्रिस्टल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। ये एक सिंथेटिक ड्रग है। इसके इस्तेमाल से इंसान अधिक इमोशनल हो जाता है। साथ ही उसे खुद में बढ़ी हुई ऊर्जा महसूस होती है। उसे अधिक सहानुभूति और आनंद महसूस होता हैं। आपको बता दें कि इस गोली खाने से इसका प्रभाव 30 से 45 मिनट में शुरू होता है और 3 से 6 घंटे तक रहता है।
एमडीएमए को पहली बार 1912 में मर्क द्वारा विकसित किया गया था। इसका उपयोग 1970 के दशक में शुरू हुई मनोचिकित्सा इलाज के लिए किया गया था और 1980 के दशक में यह एक स्ट्रीट ड्रग के रूप में लोकप्रिय हो गया। एमडीएमए आमतौर पर रेव पार्टियों, क्लब्स या इलेक्ट्रॉनिक नृत्य संगीत के कार्यक्रमों के दौरान किया जाता है।
यह ड्रग कितनी खतरनाक है इसका अंदाजा आप इसके साइड इफेक्ट्स से ही लगा सकते है। दांत पीसना, धुंधली दृष्टि, पसीना और तेज़ दिल की धड़कन, ये इसके आम प्रभाव हैं। वहीं अगर इसका इस्तेमाल लंबे समय तक किया जाए तो स्मृति समस्याएं, व्यामोह और सोने में कठिनाई भी हो सकती है। शरीर के तापमान में वृद्धि और निर्जलीकरण के कारण मौतों के कई मामले भी सामने आ चुके हैं। इसके उपयोग के बाद, लोग अक्सर उदास और थका हुआ महसूस करते हैं।












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