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ग्रेटर नोएडा: खुले आसमान के नीचे दो दिनों से भीग रहा सैकड़ों टन गेहूं, जर्जर गोदाम बन रहे परेशानी का सबब

ग्रेटर नोएडा: खुले आसमान के नीचे दो दिनों से भीग रहा सैकड़ों टन गेहूं, जर्जर गोदाम बन रहे परेशानी का सबब

ग्रेटर नोएडा, मई 20: अरब सागर से उठा चक्रवाती तूफान 'तौकते' अब भले कमजोर पड़ गया हो। लेकिन पिछले 18 मई की रात से रुक-रुक कर हो रही बारिश की वजह से सरकारी व्यवस्था की पोल खुली है। दादरी के सहकारी संघ पर करीब 100 टन अनाज दो दिनों से पड़ रही बारिश में भीग कर खराब हो रहा है। सरकारी संघ गेहूं क्रय केंद्र के जर्जर गोदाम में रखा गेहूं भी बारिश से गीला हो रहा है।

Greater Noida: rain damages around tonnes of wheat

दादरी कस्बे में स्थित सरकार संघ गेहूं क्रय केंद्र पर अधिकारियों की लापरवाही की वजह से सैकड़ों क्विंटल गेहूं बारिश में भीग कर खराब होता जा रहा है। लेकिन गेहूं क्रय केंद्र पर तैनात अधिकारियों को इसकी कोई फिक्र ही नहीं है। जिसके चलते सैकड़ों कुंटल गेहूं बारिश में भीग कर खराब हो रहा है। गेहूं क्रय केंद्र पर तैनात अधिकारियों ने ना तो गेहूं को ढकने के लिए कोई त्रिपाल की व्यवस्था की और ना ही गेहूं को किसी सुरक्षित स्थान पर रखा है, जिसके चलते गए हो बर्बाद हो रहा है।

गोदाम की हालत खराब है बिल्डिंग पूरी तरह से टूटी हुई है लेकिन गेहूं की खरीद फरोख्त का काम चल रहा है। पिछले 2 दिनों से लगातार बारिश हो रही है और खुले आसमान के नीचे बारिश में यूं ही भीग रहा है। प्लास्टिक की इन बोरियों में 50-50 किलो गेहूं भरा हुआ है। गेहूं के भीगने से करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। हैरान की बात यह है कि प्रशासन इस पूरे मामले को लेकर खामोश है और बात एक दूसरे पर डालने की कोशिश की जा रही है। कोरोना के इस दौर में सवाल यह उठता है कि आखिर इस करोड़ों रुपए की गेहूं की बर्बादी का जिम्मेदार कौन है?

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