क्या प्रियंका गांधी के कहने पर राहुल ने दिया इंटरव्यू

इंटरव्यू के बाद राहुल को राजनीतिक रूप से अपरिपक्व करार दिया गया है और कहा जा रहा है कि एक नेता के तौर पर उनकी कमियां उजागर हो गयी है और साथ ही उन्होने लोगों का विश्वास खो दिया है और उनमें वास्तविक मुद्दों का सामना करने की क्षमता नजर नहीं आ रही है। भाजपा नेता अरूण जेटली ने तो यहां तक कह दिया है कि 'इंटरव्यू के दौरान गेस्ट को बोलने का मौका देने से उनकी सर्वोच्च संवैधानिक पद के लिए अपर्याप्तता जगजाहिर हो गयी है।
गौर हो कि साक्षात्कार के दौरान राहुल ने कई ऐसे प्रश्नों के जवाब नहीं दिये, जिनकी उनसे उम्मीद की जा रही थी और वह सवालों को टालते नज़र आये। उन्होने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर गुजरात दंगों को बढ़ावा देने के आरोप तो लगाये लेकिन इसके पीछे कोई तर्क न दे सके। उम्मीद की जा रही है राहुल के और कमजोर पड़ने से भाजपा को आम चुनाव में बढ़त मिल सकती है।
आम चुनाव के ठीक तीन महीने पहले आया यह इंटरव्यू कांग्रेस के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।












Click it and Unblock the Notifications