EXCLUSIVE: DU में बीएड में आवेदन करने वाली छात्राओं की पर्सनल जानकारी लीक

जी हां इसे डीयू प्रशासन की लापरवाही कहें या फिर निजी कंपनी को डाटाबेस बेचे जाने की आशंका, लेकिन इससे छात्राओं को न केवल परेशानियों का सामना करना पड़ा है बल्कि उनका तनाव भी बढ़ गया है। यह डाटा बेस उन छात्र-छात्राओं का लीक हुआ है, जिन्होंने इस साल बीएड में आवेदन किया था। खास तौर से उनका डाटाबेस जिनका नाम लिस्ट में नहीं आ पाया।
वनइंडिया को यह जानकारी तब मिली जब बीएड में आवेदन करने वाली दिल्ली की छात्रा तनु मिश्रा (नाम परिवर्तित) को एक ई-मेल मिला, जिसमें लिखा था कि उनका नाम बीएड प्रवेश के लिये चयनित हो गया है। यह ई-मेल आया [email protected] से।
अगर रिप्लाई नहीं किया तो एडमीशन कैंसल
ई मेल डिपार्टमेंट ऑफ एजूकेशन की ओर से किया गया, जिसमें छात्राओं से तुरंत रिप्लाई करने को बोला गया। रिप्लाई करते वक्त उनसे उनका नाम, रोल नबंर, पता, मोबाईल नबंर, पिता का नाम, व अन्य कई जानकारियां मेल करने को कही गईं। यही नहीं छात्राओं से यह भी कहा गया कि अगर आपने इस ई-मेल का रिप्लाई नहीं दिया तो आपका एडमीशन खारिज कर दिया जायेगा।
ईमेल के जरिए छात्राओं को अपने पूर्ण और ओरीजिनल दस्तावेजों के साथ आने को कहा गया। इस मेल के बाद करीब 100 से ज्यादा छात्राएं डीयू के डिपार्टमेंट ऑफ एजूकेशन पहुंच गईं, यह पूछने की काउंसिलिंग कब है। तब उन्हें पता चला कि ऐसा कोई ई-मेल विभाग ने भेजा ही नहीं है। छात्राओं ने जब इस बारे में यूनिवर्सिटी से पता किया तो विश्वविद्यालय ने इससे इंकार कर दिया। विश्वविद्यालय ने साफ कर दिया कि उन्होंने बीएड दाखिले के लिए दोनों लिस्ट जारी की जा चुकी हैं। इस लिस्ट में दिए नामों के अलावा उन्होंने किसी को भी कोई मेल नहीं की है।
डीयू की छात्राओं से जुड़ी निजी जानकारियों से खेल रहे शरारती तत्व
खैर हो सकता है 100 से ज्यादा इन छात्राओं के साथ किसी ने मजाक किया हो, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर मेल करने वाले को छात्राओं को ई-मेल आईडी कहां से प्राप्त हुआ वो भी उन छात्राओं का जिन्होंने बीएड में आवेदन किया था। यानी इससे साफ है कि डीयू प्रशासन की आेर से छात्राओं की निजी जानकारियों को सुरक्षित रखने में लापरवाही बरती गई है।
जिस किसी के पास भी यह ई-मेल पहुंचा है, उसका ऐसा कौन सा मकसद था कि उसने छात्राओं से उनके मोबाइल नंबर व पते पूछे। यानी डीयू की जरा सी लापरवाही के कारण शरारती तत्व किसी के भी करियर या निजी डाटा के साथ कभी भी खिलवाड़ कर सकते हैं।
इस संबंध में डिपार्टमेंट ऑफ एजूकेशन के अधिकारियों से संपर्क किया गया, तो किसी ने भी बात करना मुनासिब नहीं समझा।
चेतावनी- अगर आप डीयू में पढ़ रहे हैं, या आवेदन किया है तो ऐसे-ईमेल से सावधान रहें। अगर आपको ऐसा कोई ई-मेल मिले तो आप [email protected] को फॉरवर्ड करें, हम दिल्ली पुलिस तक आपकी बात जरूर पहुंचायेंगे।












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