दिल्ली के रामलीला मैदान में नॉन कॉर्पोरेट सेक्टर का पहला बड़ा शो
नयी दिल्ली। इंडिया अनइंक के सभी घटकों व्यापारी, ट्रांसपोर्ट, ट्रक ऑपरेटर्स, लघु उद्यमी, हॉकर्स, स्व: रोजगार एवं महिला उद्यमियों ने आज दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान से एक स्वर में आवाज़ बुलंद करते हुए केंद्र सरकार से आग्रह किया की भारतीय अर्थव्यवस्था को बेहतर गति प्रदान करने के लिए अब सरकार को अपना ध्यान कॉर्पोरेट सेक्टर से हटकर नॉन कॉर्पोरेट सेक्टर पर केंद्रित करना चाहिए क्योंकि विगत लम्बे समय से नॉन कॉर्पोरेट सेक्टर ने जी डी पी योगदान, घरेलु उत्पाद, निर्यात एवं रोजगार के क्षेत्रों में कॉर्पोरेट सेक्टर को कहीं पीछे छोड़ा है।

इस रैली में देश भर से आये हजारों की संख्यां में लोगों ने हिस्सा लिया। रैली में हिस्सा लेने आए लोगों ने कहा कि आज़ादी से लेकर अब तक सदा नॉन कॉर्पोरेट सेक्टर की बेहद उपेक्षा की गयी है और अब सेक्टर के समवेत विकास में एक पहल करते हुए सरकार को एक बोर्ड ऑफ़ इंटरनल ट्रेड का गठन करना चाहिए जो इस सेक्टर के सभी मुद्दों की देख रेख करे।
इस रैली का आयोजन कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) एवं एक्शन कमेटी फॉर फॉर्मल फाइनेंस फॉर नॉन कॉर्पोरेट स्माल बिज़नेस ने किया जिसकी अध्यक्षता कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी.भरतिया ने की। रैली ने एक स्वर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं वित्त मंत्री अरुण जेटली का आभार व्यक्त करते हुए कहा की गत 65 वर्षों में पहली बार किसी सरकार ने नॉन कॉर्पोरेट सेक्टर के लिए अलग से एक वित्तीय ढांचा बनाने की घोषणा बजट में की है।
इसके लिए आई सी आई सी आई बैंक के चेयरमैन श्री केवी.कामथ की अध्यक्षता में एक कमेटी भी गठित की है जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं एक्शन कमेटी के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर प्रवीन खण्डेलवाल ने कहा की बैंक नॉन कॉर्पोरेट सेक्टर को वित्तीय क़र्ज़ देने में असफल हुए हैं क्योंकि अब तक इस सेक्टर के केवल 4 % लोगों को ही बैंकों से क़र्ज़ मिल पाया है जबकि बचे 96 % लोग आज भी प्राइवेट मनी लेंडर या अन्य स्रोतों से क़र्ज़ लेने के लिए मजबूर है ।
रैली में दिल्ली को सीलिंग और तोड़ फोड़ से बचाने के लिए केंद्रीय शहरी विकास मंत्री श्री वेंकैय्या नायडू द्वारा नेशनल कैपिटल टेरिटरी कानून,2011 की मियाद 2014 से बढ़ाकर 2017 तक करने के बिल को हाल ही मैं संसद में प्रस्तुत करने पर उनका अभिनन्दनं भी किया गया।
नायडू को रैली में दिए एक विस्तृत ज्ञापन में सरकार से आग्रह किया गया की ऑनलाइन रिटेल में अस्वस्थ एवं अनुचित व्यापारिक नीतियों के कारण अनुचित प्रतिस्पर्धा के वातावरण का निर्माण हुआ है जिसके चलते देश के ऑफलाइन ट्रेड के समक्ष अस्तित्व का एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। आल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष प्रदीप सिंघल ने कहा की रिटेल व्यापार में ऍफ़ डी आई को अनुमति नहीं दिए जाने के सरकार के संकल्प का हम स्वागत करते है ओर इसी तर्ज़ पर रिटेल ई कॉमर्स व्यापार में भी ऍफ़ डी आई को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।












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