दिल्ली चुनाव- आम आदमी पार्टी की जीत के पीछे मुस्लिम वोट भी
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। आम आदमी पार्टी (आप) को दिल्ली विधानसभा चुनावो में जिस तरह की शानदार मिल रही है, उसमें मुसलमानों के वोट को नजरअंदाज करना भूल होगी। इधर जामिया नगर और ओखला की बात करें तो यहां भी आप की हवा जमकर चली। कांग्रेस नेता आसिफ मोहम्मद खान की लाख कोशिशों के बावजूद वोटरों ने आम आदमी पार्टी का साथ दिया।
बीजेपी उम्मीदवार बृह्म सिंह तंवर को यहां से खास वोट नहीं मिले। ओखला विधानसभा सीट पर 70 फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं। जिनमें से 55 फीसदी से ज्यादा ने आप को वोट दिए।
मुसलमानों का रोल
मुसलमानों ने विधानसभा चुनाव में बढ़-चढ़ कर भागीदारी की। उन्होंने कांग्रेस की जगह आप को वोट दिया। चुनाव के बाद आए एग्जिट पोल के मुताबिक मुसलमानों ने आम आदमी पार्टी को जमकर वोट दिए।
पढ़ें- दिल्ली में मैसेंजर ऑफ गॉड भी नहीं बचा सके भाजपा को
कितने मुसलमान
दिल्ली की कुल आबादी 1.78 करोड़ है। जिसमें 11.1 फीसदी मुस्लिम हैं। कांग्रेस की हालात नाजुक होने की वजह से आप को फायदा मिल गया। मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में चुनाव से पहले ही आम आदमी पार्टी के पक्ष में माहौल बनने लगा था। हालांकि कांग्रेस ने आखिरी दम तक उम्मीद नहीं छोड़ी थी। पुरानी दिल्ली की तंग गलियों में रहने वाले मुस्लिम समुदाय ने अरविंद केजरीवाल पर भरोसा जताया। यहां के बूथों पर मतदान के लिए लम्बी कतारें लगी रहीं।
लंबी कतारें
मुसलमान बहुल इलाकों जैसे सीलमपुर, लक्ष्मीनगर, मंगोलपुरी आदि इलाकों में मुस्लिमों की लम्बी कतारें देखी गईं। मुस्लिम महिलाएं भी पीछे नहीं रहीं। सब आप के साथ थे।
मुसलमानों ने जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना सैयद अहमद बुखारी द्वारा दिए गए समर्थन को खारिज कर दिया। हालांकि इमाम बुखारी ने कहा, ''आप नेता अलका लांबा ने मेरे भाई तारिक बुखारी से मिलकर समर्थन मांगा था। मैं वोट बंटने से रोकना चाहता था। दिल्ली में बीजेपी जैसी फिरकापरस्त ताकत ना आ जाए, इसलिए मैंने 'आप' को समर्थन की अपील की थी।'' बहरहाल आप को सफलता मिलना बड़ी खबर है।













Click it and Unblock the Notifications