वो दो महिलाएं जिनसे डरे हुए हैं केजरीवाल
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। आपको इनके जज्बे को सलाम करना चाहिए। ये अपने को अंडर डाग नहीं मानते हैं। हम बात कर रहे हैं उन उमीदवारों की जो कृष्णा नगर में किरण बेदी को और नई दिल्ली सीट पर आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल को टक्कर दे रहे हैं। अब मतदान को कुछ ही दिन बचे हैं और ये जमकर प्रचार कर रहे हैं। ये उम्मीदवार कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहता है।
केजरीवाल के खिलाफ
अगर बात नई दिल्ली सीट की करें तो इधर नुपूर शर्मा भाजपा और किरण वालिया कांग्रेस की तरफ से मैदान में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ। चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में पहुंचते ही इन्होंने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
मोदी के डुप्लीकेट
नूपुर शर्मा की तरफ से नरेन्द्र मोदी के डुप्लीकेट सड़क पर घूमकर प्रचार कर रहे हैं। मोदी के डुप्लीकेट भी प्रत्याशियों का प्रचार जमकर कर रहे हैं। मोदी के डुप्लीकेट को देखने के लिए भी भीड़ उमड़ रही है।वहीं दूसरी तरफ किरण बेदी रैली कर केजरीवाल के खिलाफ नूपुर का साथ देने की अपील करती रहीं हैं। भारतीय जनता पार्टी ने नूपुर शर्मा को नई दिल्ली विधानसभा सीट से अरविंद केजरीवाल के खिलाफ खड़ा किया है। 31 साल की नूपुर दिल्ली में बीजेपी का युवा चेहरा हैं। वे अभी भारतीय जनता युवा मोर्चा में नेशनल मीडिया की को इंचार्ज हैं। उधर, किरण वालिया की तरफ से भी जमकर कैंपेन हो रहा है।
अब चलते हैं कृष्णा नगर। जगह-जगह कूड़े के ढेर और हर दस कदम पर ट्रैफिक जाम लिए यह यमुनापार दिल्ली का कृष्णा नगर इलाका है, जहां से बीजेपी की सीएम उम्मीदवार किरण बेदी मैदान में हैं।
कौन है बंसीलाल और बग्गा
इधर से कांग्रेस के बंसीलाल और आम आदमी पार्टी के एस.के. बग्गा मैदान में हैं। भले ही यह सीट बीते दो दशक से बीजेपी के पास है, लेकिन इसका यह भी मतलब नहीं कि लोगों को शिकायतें नहीं हैं। वोटरों तक का कहना है कि यहां सीवर की समस्या सालों से हैं और अब तक किसी ने कुछ नहीं किया। ईस्ट दिल्ली की इस सीट की एक महिला वोटर निधि कपूर ने कहा, "मोदी जी बस बाहर यात्राएं कर रहे हैं, मेरे किचन में आने वाला सामान तो सस्ता नहीं हुआ।"
तगड़ा प्रचार
ढोल-नगाड़े और एक छोटे से काफिले के साथ कांग्रेस के उम्मीदवार बंसीलाल घर-घर जाकर प्रचार कर रहे थे। उनकी पत्नी निजी तौर पर लोगों से जाकर कह रही थीं, "आपने अब तक हर्षवर्धन जी को मौका दिया है, एक मौका इन्हें भी दीजिए..."
बंसीलाल का दावा है कि वह न सिर्फ स्थानीय समस्याओं को समझते हैं, बल्कि बेदी से बेहतर भी हैं। उन्होंने कहा कि बेदी स्थानीय समस्याओं को नहीं समझती हैं, लेकिन मैं यहीं का रहने वाला हूं, मुझे सब पता है क्या करना है और कैसे करना है। इलाके में आम आदमी पार्टी भी अपना जोर लगा रही है।
बेदी की चुनौतियां
कृष्णा नगर बीजेपी के लिए सुरक्षित सीट समझी जाती हो, लेकिन यहां भी किरण बेदी को चुनौतियों का सामना तो करना पड़ ही रहा है। यानी कि दिल्ली के दो भावी मुख्यमंत्री पद के दावेदारों को कांटे टक्कर मिल रही है।













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