ओवैसी और अरशद मदनी के खिलाफ जमात उलेमा-ए-हिंद जारी करेगा फतवा, जानिए क्यों ?
नई दिल्ली, 13 जून: इस्लामी संगठन जमात उलेमा-ए-हिंद ने 10 जून को जुमे की नमाज के बाद भड़की हिंसा के लिए एएमआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी और जमात उलमा-ए-हिंद के दूसरे धड़े के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी को जिम्मेदार ठहराया है। जमात के अध्यक्ष सुहैब कासमी ने कहा कि वह असदुद्दीन ओवैसी और मौलाना अरशद मदनी के खिलाफ फतवा जारी करेंगे। सुहैब कासमी का कहना है कि ओवैसी और मदनी जैसे लोगों ने युवाओं को भड़काया। ओवैसी और मौलाना मदनी की बयानबाजी से युवाओं को भड़काना एक ही अंदाज में प्रदर्शन का एजेंडा लगता है।
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कासमी ने कहा - ओवैसी मुस्लिमों के नाम पर मलाई खा रहे हैं
कासमी ने कहा, "देशभर में हुई हिंसा में शामिल आरोपियों पर एक्शन जारी है, लेकिन प्रयागराज से लेकर रांची तक हुई हिंसा का एक मॉड्यूल सामने आया है। इस हिंसा में देश को तोड़ने की साजिश करने वालों का हाथ लगता है। ओवैसी मुस्लिमों के नाम पर मलाई खा रहे हैं। देश की मौजूदा सरकार में ओवैसी की कमाई नहीं हो रही है।" बता दें, मौलाना अरशद मदनी इंडियन मुस्लिम स्कॉलर और दारुल उलूम देवबंद के प्रधानाचार्य हैं। वे जमात उलमा-ए-हिंद के 8वें अध्यक्ष बने थे। हालांकि, 2008 के आस-पास संगठन में बंटवारा हो गया। फिलहाल वे अरशद गुट के अध्यक्ष के रूप में काम काम कर रहे हैं।
प्रयागराज हिंसा के मास्टरमाइंड का घर जमींदोज
10 जून को जुमे की नमाज के बाद देश के अलग-अलग राज्यों में प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई थी। प्रयागराज में हालात बेकाबू हो गए थे। यहां उपद्रवियों ने पुलिस की गाड़ी को भी आग के हवाले कर दिया था। प्रयागराज हिंसा के मास्टरमाइंड जावेद उर्फ पंप के घर को रविवार को जमींदोज कर दिया गया है। प्रशासन ने करीब साढ़े चार घंटों तक तीन बुलडोजर और पोकलेन मशीन से जावेद के मकान को गिरा दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय कुमार ने बताया कि ध्वस्तीकरण के दौरान पुलिस ने मकान की तलाशी भी ली, जिसमें कई आपत्तिजनक सामान भी मिले हैं।












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