SC के रिटायर जज पर गंभीर आरोप, होटल के रूम में किया ट्रेनी वकील का यौन शोषण

अंग्रेजी अखबार 'टाइम्स ऑफ इंडिया' के मुताबिक, लड़की ने यह सनसनीखेज आरोप सबसे पहले 'जर्नल्स ऑफ इंडियन सोसाइटी' नाम के ब्लॉग (क्लिक करें और पढ़ें पूरा ब्लॉग) के जरिये 6 नवंबर को लगाया। इस लेख का शीर्षक था, 'थ्रू माय लुकिंग ग्लास'। सोमवार को 'लीगली इंडिया' नाम की एक वेबसाइट पर उसका यह लेख दोबारा प्रकाशित हुआ। जानकारी के मुताबिक युवा महिला वकील का आरोप है कि जिस सुप्रीम कोर्ट के एक जज के अधीन वो इंटर्नशिप कर रही थीं, उसी समय जज ने उसके साथ होटल के एक कमरे में छेड़छाड़ की।
महिला वकील के मुताबिक जज की उम्र उनके दादा की उम्र के बराबर है। आरोप लगाने वाली इंटर्न ने कोलकाता के नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूरिडिशियल साइंसेस से ग्रेजुएशन किया है। महिला वकील का आरोप है कि जब वो निर्भया रेप मामले में जज से मदद मांगने गई तो उसके साथ छेड़छाड़ की गई। उसका दावा है कि उसने उस वक्त इस मुद्दे पर चुप्पी साधने फैसला किया क्योंकि उसे जज के रसूख का डर था।
साथ ही वो अचानक हुई ऐसी हरकत से सदमे जैसी हालात में थी। अब किसी और के साथ ऐसा न हो, इसलिए उसने चुप्पी तोड़ने का फैसला किया। उसने बताया कि घटना के बाद इस कदर सदमे में थी कि गुस्से में रिएक्ट तक नहीं कर सकी। वेबसाइट से बातचीत में उसने कहा, 'मैंने सुना है कि उस जज ने तीन और लड़कियों का यौन शोषण किया है और मैं कम से कम चार लड़कियों को जानती हूं जो किसी न किसी जज की हवस का शिकार बनी हैं।
लेकिन उनका अनुभव मेरे जितना बुरा नहीं रहा होगा। यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिये मंगलवार को तीन न्यायाधीशों की समिति गठित कर दी गई है। न्यायमूर्ति आरएम लोढा, न्यायूमर्ति एचएल दत्तू और न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की सदस्यता वाली यह समिति आज शाम से अपना काम शुरू करेगी।












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