जब मिल बैठे चाय बेचने वाले मोदी और आईआईटियन केजरीवाल

India's irony: Tea vendor speaks on development, IITian talks anarchy
नई दिल्‍ली। दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत में आम चुनाव आने वाले हैं, जिससे कि देश की जनता की नजरें अपने नेताओं पर हैं और लोग पार्टियों और नेताओं के कार्यकाल के आधार पर उनका मूल्‍यांकन कर रहे हैं। इन दिनों की मीडिया की नजरों में जो प्रमुख नेता हैं उनमें दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल और भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्‍मीदवार नरेंद्र मोदी है। यह अजब संयोग है कि पूर्व चाय विक्रेता नरेंद्र मोदी टैलेंट, टेक्‍नालॉजी, ट्रेड और टूरिज्‍म की बात कर रहे हैं, वहीं पूर्व आईआईटियन केजरीवाल खुद को अराजक बताकर धरना करते हैं।

हम कल्‍पना करें कि अगर केजरीवाल और मोदी एक साथ मिले तो उनके बीच क्‍या क्‍या बातें होंगी-

नरेंद्र मोदी- आपका बहुत बहुत स्‍वागत है अरविंद केजरीवाल। आईये हम मिलकर कुछ मुद्दों पर बातें करें।

अरविंद केजरीवाल- पर मोदी जी, मैं मिट्टी के कप में चाय लूंगा, नहीं तो आम आदमी मुझसे नाराज हो जाएगा।

मोदी- जी हां, बिल्‍कुल।

मोदी- अच्‍छा, तो आप ये बताइए कि आपने धरना क्‍यों किया? क्‍या आपको नहीं पता कि ऐसा करने से आम लोगों को कितनी मुश्किल होती है। ये आम लोग आपके समर्थक भी हैं। क्‍या आपको इन्‍हें होने वाली मुश्किलों का अंदाजा नहीं है?

केजरीवाल- जी हां। मुझे पता है कि हमारे ऐसा करने से आम लोगों को बेहद मुश्किल हो रही है, लेकिन अगर हमारी मांगों को सरकार ने पहले मान लिया होता तो ऐसा करने की नौबत ही नहीं आती।

मोदी- पर आपने पहले ही धरना समाप्‍त कर दिया।

केजरीवाल- नहीं, हमने जो चाहा, वह काफी हद तक पा लिया। यह आम जनता की जीत है। जो भविष्‍य में हमारे काम आएगी।

मोदी- जब आप विधानसभा चुनाव लड़ रहे थे तो क्‍या आपको नहीं पता था कि दिल्‍ली पुलिस केंद्र के नियंत्रण में काम करती है?

केजरीवाल- हां, लेकिन......

मोदी- लेकिन क्‍या। आपके पहले भी जो लोग आये उन्‍हें भी यही समस्‍या थी लेकिन उन्‍होने कभी धरना नहीं किया। आपको लगता है क्‍या कि ये चीजें सफल होती हैं?

केजरीवाल- लेकिन आज देश को इन सब चीजों की जरूरत है। हर जगह तो अराजकता है।

मोदी- केजरीवाल जी। आपको नहीं पता कि मैंने केंद्र सरकार और सहयोगी पार्टियों द्वारा कितने आरोप झेले हैं लेकिन कभी भी धरना नहीं किया। मैं गुजरात के लोगों के लिए एक जिम्‍मेदारी महसूस करता हूं, क्‍या आप दिल्‍ली के लोगों को होने वाली दिक्‍कतों के लिए जिम्‍मेदार नहीं हैं।

केजरीवाल- मैं अपने कर्तव्‍य और जिम्‍मेदारियों से परिचित हूं, इस देश को लेकर मेरा एक विजन है।

मोदी- क्‍या योजना है आपकी? आप देश की युवा शक्ति का कैसे बेहतर इस्‍तेमाल करते हैं?

केजरीवाल- मैं उन सभी का आवाहन करूंगा और क्र‍ांतिकारी परिवर्तन लाऊंगा। जिसकी आज सबसे ज्‍यादा जरूरत है।

मोदी- पर मैं आर्थिक स्थिति को सुधारना चाहता हूं, जिससे कि उन्‍हें रोजगार मिल सकें। मुझे लगता है कि यह ज्‍यादा बेहतर है, अपने ही देश में यु्द्ध जैसे हालात पैदा करने से।

केजरीवाल- किस देश की बात कर रहे हैं आप? यहां कुछ भी अच्‍छा नहीं हो रहा है। क्रांति होगी तो या हम टूट जाएंगे या मजबूती से उभरेंगे।

मोदी- हम धीरे धीरे परिवर्तन भी कर सकते हैं, मैं पिछले 12 सालों से एक राज्‍य का मुख्‍यमंत्री हूं लगातार तीन बार जीत दर्ज की है, गुजरात के लोगों का मुझ पर भरोसा कायम रहा। आपको लगता है क्‍या आप दिल्‍ली में फिर से सरकार बना सकेंगे?

केजरीवाल- हां बिल्‍कुल। हमें तो पूरी उम्‍मीद है कि हम आगामी लोकसभा चुनाव में भी बेहतर करेंगे। लोगों को विश्‍वास है कि हम उनके लिए लड़ रहे हैं।

मोदी- तो फिर आपके पास लोकसभा को लेकर भी कई एजेंडे होंगे। उत्‍तर- पूर्व में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आपके पास क्‍या योजना है?

केजरीवाल- हम जल्‍द ही इस पर काम करेंगे, आपको इसके बारे में जानकारी भी देंगे।

मोदी- लेकिन चुनाव आने में तो केवल तीन महीनें ही बाकी हैं।

केजरीवाल- हमारे पास और भी कई मुद्दे हैं, जिन पर हम विचार कर रहे हैं?

मोदी- आप श्रीलंका के तमिल मुद्दों को लेकर क्‍या सोंचते हैं?

केजरीवाल- हम अभी लोकसभा चुनाव के बारे में सोंच रहे हैं, इन मुद्दों पर तब विचार करेंगे, जब हम चुनाव जीत जाएंगे।

मोदी- मतलब आप चुनाव जीतने के बाद काम करेंगे, पहले नहीं।

केजरीवाल- अभी हम सिर्फ इस पर बात कर रहे हैं कि हमें लोकसभा चुनाव में कितने उम्‍मीदवार उतारने हैं।

मोदी- लेकिन दिल्‍ली के मुद्दों का क्‍या, आप कई मुद्दों पर एक साथ काम कर रहे हैं।

केजरीवाल- हम यहां भी काम करेंगे। मुझे चुनौतियां पसंद हैं, हम इसका कोई न कोई रास्‍ता जरूर निकालेंगे।

मोदी- आप बिहार की जाति आधारित राजनीति के बारे में क्‍या सोंचते हैं?

केजरीवाल- हम वहां धरना करेंगे और लोगों से आम आदमी पार्टी में शामिल होने के बारे में कहेंगे।

मोदी- क्‍या आपको लगता है कि यह सब बहुत आसान है? मैं पिछले कुछ समय से काफी कोशिशें कर रहा हूं, मुझे अभी भी उम्‍मीद नहीं है कि मैं आगे कितना कर सकूंगा।

केजरीवाल- तो ये आपकी सोंच में समस्‍या है, मुझे विश्‍वास है कि हम आगे बेहतर करने में कामयाब रहेंगे। हम अभी एक छोटी पार्टी हैं लेकिन आगे एक बड़े दल के रूप में उभरेंगे।

निष्‍कर्ष- मोदी एक ऐसी पार्टी से जुड़े है, जिसका आधार कार्यकर्ता है। उन्‍होने पहले कई राज्‍यों में एक कार्यकर्ता के रूप में काम किया है। अत: लोग उनसे आसानी से जुड़ जाते हैं। कार्यकर्ता से आज वह एक टॉप लीडर के रूप में उभरे है, इसलिए यह मायने नहीं रह जाता है कि वह चाय विक्रेता थे या नहीं। केजरीवाल एक आईआईटियन हैं, वह धरना प्रदर्शन कर यहां तक पहुंचे हैं, लेकिन कहा जा सकता है कि वह आज की राजनीति में नये हैं। उनके काम करने के तरीके में अनुभव की कमी साफ देखी जा सकती है।

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