दिल्ली में दोबारा चुनाव हुए तो खर्च होंगे 130 करोड़ !

पुन: चुनाव की स्थिति में एक अनुमान के मुताबिक चुनाव आयोग का करीब 70 से 75 करोड़ रुपए खर्च हो जाएगा। 70 सीटों पर औसतन 5 उम्मीदवार भी खड़े हुए तो कुल 350 उम्मीदवार होंगे और कानूनन हर उम्मीदवार 16 लाख रुपए खर्च कर सकता है। इस तरह अगर देखे तो 350 उम्मीदवारों का कुल खर्च 56 करोड़ रुपए आएगा। दोनों के योग को देखा जाए तो आधिकारिक तौर पर दोबारा चुनाव कराए जाने पर कुल खर्च 130 करोड़ से ज्यादा बैठेगा।
जबकि अनुमानित लागत की बात करें तो दिल्ली चुनाव में प्रमुख पार्टी बीजेपी और कांग्रेस ने करीब 100 करोड़ रुपए खर्च किए। अनुमान लगाया जा रहा है कि दोनो पार्टियों के प्रत्येक उम्मीदवारों ने 60 लाख रुपए खर्च किए हैं। वहीं आप के खर्चे को इसमें जोड़ा जाए तो आंकड़ा 130 करोड़ तक पहुंच जाएगा।
गौरतलब है कि चुनाव आयोग के मुताबिक, 2013 के दिल्ली विधानसभा के चुनावों में करीब 80 करोड़ रुपए का खर्च आया है। अगर यहां पर फिर से इलेक्शन होते हैं तो इस बार 80 करोड़ की तुलना में 4 से 5 करोड़ रुपए कम खर्च होंगे। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि री-इलेक्शन के लिए ट्रेनिंग और अन्य मदों पर अब दोबारा खर्च नहीं करना पड़ेगा। फिर भी अगर दिल्ली में री-इलेक्शन होता है तो कुल मिलाकर आयोग का करीब 70 से 75 करोड़ रुपए खर्च हो जाएगा।












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