जनता की अदालत में 'इंसाफ' मांगेंगे केजरीवाल, 22 को जंतर-मंतर पर कार्यक्रम का आयोजन
आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल 22 सितंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर "जनता की अदालत" का आयोजन करेंगे। दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा सौंपने के बाद केजरीवाल ने आतिशी को इस पद के लिए आगे किया है। इस साल 21 मार्च को आप संयोजक भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार हुए थे और पांच महीने से अधिक समय तक जेल में रहे थे। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद बाहर आए हैं।
अपने इस्तीफे का ऐलान करते हुए केजरीवाल ने कहा था कि वे "ईमानदारी की उनकी राजनीति" के आधार पर उनके भविष्य का फैसला लें, वो जनता की अदालत में जाएंगे। अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के बाद रविवार को आम आदमी पार्टी जनता की अदालत का आयोजन करने वाली है। जंतर-मंतर पर दिन के 11 बजे अदालत का आयोजन होगा और इस दौरान केजरीवाल वहां मौजूद लोगों को संबोधित करेंगे।

आतिशी को चुना अगला मुख्यमंत्री
सीएम आवास पर बैठक में आतिशी को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला लिया, जिसे सर्वसम्मति से आप विधायक दल ने भी पास किया। आतिशी दिल्ली की मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने होने वाली तीसरी महिला होंगी। इससे पहले, सुषमा स्वराज और शीला दीक्षित भी सीएम पद पर रह चुकी थीं।
केजरीवाल का सियासी सफर
2011 में अन्ना हजारे की अगुवाई में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक जबरदस्त जन आंदोलन उभरा। इसी आंदोलन के दौरानअरविंद केजरीवाल सुर्खियों में आए थे। उन्होंन एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर अपनी छवि बनाई थी, जो अपने उसूलों को महत्व देता हो। साल 2000 में IRS ऑफिसर की नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने आरटीआई कार्यकर्ता के रूप में काम किया और दिल्ली की झुग्गियों में रहने वाले गरीब लोगों के बीच रहे और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास
किया।
साल 2013 में चुनावी राजनीति में प्रवेश करने वाली आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की 70 विधानसभा सीट में से 28 पर जीत दर्ज की थी। केजरीवाल की लोकप्रियता के दम पर 2015 में 67 और 2020 में 62 विधानसभा सीटें जीतकर आप सरकार बनाने में सफल रही थी। अपने कार्यकाल में केजरीवाल ने शिक्षा, स्वास्थ्य, जल आपूर्ति, मोहल्ला क्लिनिक, बिजली और बेहतर सरकारी स्कूल जैसे मुद्दों पर काम किया, जो कि जनता के बीच बेहद लोकप्रिय रहा।












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