रेलवे यात्रा के दौरान 15 महीनों में 600 लोगों की हुई मौत, RTI में हुए और भी कई खुलासे

Nagpur news, नागपुर। इंडियन रेलवे एशिया का दूसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है, जिसमें 13 लाख से भी ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं। भारत में हर रोज 23 करोड़ से ज्यादा यात्री सफर करते हैं। वहीं आए दिन लोग अपनी लापरवाही से रेल हादसे का शिकार बन जाते हैं। राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की नागपुर शाखा ने एक आरटीआई (RTI, सूचना का अधिकार) के जरिए बताया कि पिछले 15 महीनों में 600 लोगों की मौतें रेलवे यात्रा के दौरान हुई है। इन लोगों की मौत रेलवे लाइन को क्रॉस करते समय, ट्रेन से नीचे गिर जाने पर और सफर के दौरान पोल से टकराने पर मृत्यु हुई हैं।

मौतों का आंकड़ा

मौतों का आंकड़ा

नागपुर ब्रांच की राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने एक आरटीआई का जबाव देते हए बताया कि जनवरी 2018 से अब तक 600 लोगों की मौत हो चुकी है। सरकार और रेलवे द्वारा बड़े पैमाने पर जागरुकता अभियान चलाने के बावजूद यात्री खुद की लापरवाही के चलते अपनी जान जोखिम में डालते हैं। आरटीआई कार्यकर्ता ने अभय कोलारकर द्वारा पूछे जाने पर और पीआईओ एमजी इनामदार ने बताया कि 146 लोगों की मौत ट्रेन से नीचे गिर जाने से हुई हैं, जबकि तीन लोगों की मौत चलती ट्रेन में खंभे से लग जाने पर हुई। 94 लोगों की मौत करंट लगने से हुई हैं और 23 लोगों ने ट्रेन के आगे आकर आत्महत्या की है। 221 मौतें प्राकृतिक कारणों से हुईं जोकि सबसे ज्यादा हैं। 28 लोगों की मौत ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच गिर जाने से या चढ़ते-उतरते समय हुई हैं।

15 महीनों में 4,279 केस दर्ज

15 महीनों में 4,279 केस दर्ज

आरटीआई में पूछा गया कि 1 जनवरी 2018 से 31 मार्च 2019 तक कितने आपराधिक मामले दर्ज हुए हैं। जिसके जबाव में पीआईओ इनामदार ने बताया कि 4,279 केस दर्ज हुए हैं। जिसमें 3482 केस जनवरी से दिसंबर 2018 तक दर्ज हुए और 797 जनवरी से मार्च 2019 तक दर्ज किए गए। इनमें से 399 केस में सॉल्व हो गए हैं और 3309 केस का निस्तारण कर दिया गया। 2019 में जनवरी से मार्च तक 97 केस का निस्तारण हो चुका है। वहीं 873 केस अभी पेंडिंग हैं।

15 महीनों में 7.72 करोड़ की साम्रगी जब्त

15 महीनों में 7.72 करोड़ की साम्रगी जब्त

आरटीआई में बताया गया कि जीआरपी के द्वारा पिछले 15 महीनों में 7.72 करोड़ की साम्रगी जब्त की है। आपको बता दें कि कई लोग जीआरपी और आरपीएफ के बारे में भ्रमित हो जाते हैं। दोनों में अंतर है, दोनों अलग कार्य करते हैं जोकि अलग-अलग सरकार के अंदर काम करते हैं। जीआरपी, प्रत्येक राज्य में राज्य सरकार के नियंत्रण में एक पुलिस संगठन है, और इसका प्राथमिक मिशन कानून और व्यवस्था का रख-रखाव है और बोर्ड ट्रेनों और आईआर संपत्ति पर यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करना है। जबकि केंद्रीय रेल मंत्रालय द्वारा आरपीएफ को सीधे नियंत्रित किया जाता है।

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