मिसाल: जिन्हें नहीं मिलता कहीं एडमिशन उनके लिए 'प्लेटफॉर्म स्कूल'
नागपुर। कहते हैं जिनका कोई नहीं होता उनके लिए भगवान होते हैं। जो बच्चे बिछड़कर या भागकर अपने घरवालों से अलग हो जाते हैं उनके लिए नागपुर में अनोखी पहल की जा रही हैं। ऐसे अनाथ और बेघर बच्चों को शिक्षित करने के लिए सर्व शिक्षा अभियान ने अनोखी पहल की है।

चूंकि ये बच्चे अच्छे स्कूलों में दाखिला नहीं ले सकते हैं ऐसे में इनके लिए प्लेटफॉर्म ज्ञान स्कूलों की व्यवस्था की गई हैं।महाराष्ट्र के नागपुर में 45 बच्चों का एक स्कूल है, जिसे लोग प्लेटफॉर्म स्कूल के नाम से जानते हैं। रेलवे स्टेशन पर चलने वाले इस स्कूल में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे महाराष्ट्र और आस-पास के दूसरे राज्यों से आए हुए हैं।
म्युनिसिपल कॉरपोरेशन की मदद से नागपुर में रेलवे स्टेशन के पास यह स्कूल चलाया जाता है। इन बेसहारा बच्चों के पढ़ाई-लिखाई का पूरा खर्च सरकार सर्व शिक्षा अभियान के तहत उठाती है। इन स्कूलों में पढ़ने वाले ज्यादातर बच्चे पहले भीख मांगते और चोरी का काम करते थे। अब उनका भविष्य सुधारने के लिए प्लेटफॉर्म स्कूल बनाकर उन्हें शिक्षित किया जा रहा है।












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