बिहार: नीट परीक्षा देकर लौटी छात्रा की कोरोना वायरस संक्रमण से गई जान, स्वास्थ्य विभाग ने तलब की रिपोर्ट
मुजफ्फरपुर। डॉक्टर बनने का सपना लिए तैयारी कर रही बिहार की बेटी 13 सितंबर को नीट परीक्षा पटना में देने के बाद मुजफ्फरपुर के सकरा क्षेत्र के गांव में अपने घर लौटी। परिजनों के मुताबिक, 16 सितंबर को वह एग्रीकल्चर की परीक्षा भी देने गई थी। 17 सितंबर को उसकी तबीयत बिगड़ी तो उसे अस्पताल ले जाया गया। वहां जांच में कोरोना संक्रमित निकली। उसे पहले पताही कोविड केयर सेंटर और फिर मुजफ्फरपुर एसकेएमसीएच ले जाया गया जहां सोमवार की शाम को उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। छात्रा के परिजनों की कोरोना वायरस टेस्टिंग की गई जिसमें उसकी छोटी बहन और भतीजी कोरोना पॉजिटिव निकली हैं। प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने छात्रा की मौत पर रिपोर्ट मांगी है।

नीट परीक्षा देने के बाद छात्रा को आया था हल्का बुखार
परिजनों के मुताबिक, 19 साल की छात्रा ने पहले दिल्ली और फिर पटना में रहकर मेडिकल की तैयारी की थी। 13 सितंबर को उसने नीट परीक्षा और 16 सितंबर को एग्रीकल्चर की प्रवेश परीक्षा दी थी। नीट परीक्षा देने के बाद से ही उसको हल्का बुखार था। 17 सितंबर को उसकी हालत बहुत बिगड़ गई। उसे पहले निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद उसे पताही कोविड केयर सेंटर ले जाया गया। वहां से चार दिन बाद उसे एसकेएमसीएच रेफर किया गया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उसकी 14 साल की छोटी बहन और 3 साल की भतीजी भी संक्रमित निकली जिनका इलाज पताही कोविड केयर सेंटर में चल रहा है। छात्रा की मौत से सेवानिवृत शिक्षक पिता को सदमा लगा।
प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने तलब की रिपोर्ट
छात्रा की मौत को गंभीरता से लेते हुए राज्य स्वास्थ्य समिति ने जिला स्वास्थ्य समिति से रिपोर्ट देने को कहा है। जिला स्वास्थ्य समिति ने एसकेएमसीएच को रिपोर्ट भेजने को कहा है। इस रिपोर्ट में यह बताने को कहा गया है कि छात्रा की मौत किन वजहों से और किन परिस्थितियों में हुई है। इलाज के दौरान छात्रा की तबीयत में सुधार था या नहीं? एसीएमओ विनय कुमार के मुताबिक, छात्रा की मौत से जुड़े सभी पहलुओं पर जानकारी जुटाकर रिपोर्ट भेजी जाएगी। छात्रा के संपर्क में आए लोगों की ट्रेसिंग की जाएगी और फिर उनकी टेस्टिंग कराई जाएगी। एसकेएमसीएच अधीक्षक डॉक्टर एसके शाही ने कहा कि जब उसको यहां लाया गया था तब उसके पेट में इंफेक्शन था। छात्रा का दाह-संस्कार कर दिया गया है। सकरा अस्पताल की तरफ से छात्रा के गांव में शिविर लगाकर कोरोना जांच की गई जिसमें सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है।












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