इधर मुंडे की पंकजा सामने है संघ का चहेता चेहरा
मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव मेें भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर तो उभरी लेकिन बहुमत से दूर होने से भाजपा को झटका लगा है। अब भाजपा के लिए दो सबसे बड़ी चुनौति हैं। किसी तरह सरकार बन जाए चाहे समर्थन से ही। दूसरी, भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री किसे बनाया जाए। एक तरफ भाजपा के मराठी किंगमेकर रहे दिवंगत गोपीनाथ मुंडे की बेटी पंकजा हैं तो दूसरी तरफ संघ के हमेशा से चहेते और विश्वासपात्र रहे देवेंद्र फडनवीस।

देवेंद्र फडनवीस बचपन से संघ के चहेते
सबसे पहले बात करते हैं देवेंद्र फडनवीस की। 44 साल के देवेंद्र फडनवीस का जन्म नागपुर में हुआ। फडनवीस के पिता गंगाधर फडनवीस संघ से जुड़े रहे। इसके बात देवेंद्र फडनवीस भी बचपन में ही संघ की शाखा में जाते थे। नब्बे के दशक में फडनवीस भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा से जुड़े रहे उसके बाद वह युवा पार्षद भी बने। औऱ अब प्रदेश अध्यक्ष हैं।
पंकजा मुंडे भी इसलिए पक्की दावेदार
जहां तक पंकजा मुंडे की बात है तो 35 साल की पंकजा मुंडे महाराष्ट्र के चहेते औऱ कद्दावर नेता गोपीनाथ मुंडे की बेटी हैं। पर्ली विधानसभा सीट से करीब डेढ़ लाख के अंतर से विधानसभा चुनाव भी जीती हैं। पर्ली से ही पंकजा 2009 से लगातार विधायक हैं। इसके अलावा पंकजा भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष भी हैं।
आखिर फैसला आला कमान पर
भारतीय जनता पार्टी का कोई भी वरिष्ठ नेता मीडिया में यह नहीं बोल पा रहा है कि आखिर महाराष्ट्र की गद्दी पर कौन मुख्यमंत्री होगा। क्योंकि भाजपा के लिए महाराष्ट्र में सहानुभूति बटोरने का श्रेय पंकजा मुंडे को भी जाता है। भाजपा का एक तबका पंकजा मुंडे को मुख्यमंत्री देखना चाह रहा है तो वहीं संघ से जुड़ा एक तबका देवेंद्र फडनवीस को मुख्यमंत्री देखना चाहता है।
इस कश्मकश से यह तो साफ हो गया है कि निर्णय सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर है। इनके बिना सुईं भी नहीं हिलती।












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