मुंबई में सरेबाजार युवती से छेड़छाड़, दरिंदों ने फाड़ दिये कपड़े

विरोध करने पर लफंगों ने युवती के कपड़े फाड़ दिए। उसके बाद युवती खुद को बचाने के लिये एक रेस्तरां में घुसी मगर उसे वहां से भगा दिया गया। आखिर में कुछ राहगीर और गश्त कर रहे एक पुलिस कांस्टेबल ने उसे बचाया। इस सिलसिले में कल तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। उनकी शिनाख्त फैयाज अहमद खान, सरोज खान और नौशाद खान के रूप में की गई है। भारतीय दंड संहिता की धारा 354 के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के आला अधिकारी ने बताया कि पीड़िता और उसकी फ्रेंड बांद्रा से एक ऑटोरिक्शा में हिंदुस्तान नाका पहुंची थीं।
ऑटोरिक्शा से उतरते हुए उन्होंने महसूस किया कि उनके पास भाड़ा चुकाने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं हैं। पुलिस ने बताया कि पीड़िता की फ्रेंड के रिश्तेदार नजदीक ही रहते हैं। वह उनसे कुछ पैसे लेने गई जबकि पीड़िता ऑटोरिक्शा में बैठ कर उसका इंतजार करती रही थी। बहरहाल, जब पीड़िता की दोस्त बहुत देर तक नहीं लौटी तो उसने कहा कि वह उसे देखकर आती है। इस पर ऑटोरिक्शा चालक ने कहा कि वह उसका किराया चुकाए। पुलिस ने बताया कि इस पर लड़की ने जमानत के तौर पर उसे अपना मोबाइल फोन दे दिया। लेकिन ऑटोरिक्शा चालक उससे जोर-जोर से लडऩे लगा।
इसी बीच, नजदीक ही क्रिकेट खेल रहे कुछ युवक वहां पहुंचे और उस पर कमेंट करने लगे। पुलिस ने बताया कि जब किशोरी ने वहां से जाना चाहा तो उन लोगों ने उसका पीछा किया और उसे पकड़ कर उसके साथ बदसुलूकी की और उसके कपड़े फाड़ डाले। पुलिस ने बताया कि लड़की ने सड़क किनारे के एक रेस्तरां में शरण लेने की कोशिश की, लेकिन उसे जब वहां से भगा दिया गया तो उसने एक दूसरे ऑटोरिक्शा में प्रवेश करने का प्रयास किया, लेकिन आरोपित उसे वहां से घसीट ले गए। इसी बीच, कुछ कार चालक वहां पहुंचे। उन्होंने लफंगों को भगाया।एक बीट मार्शल कांस्टेबल भी वहां पहुंचा और उसने लफंगों में से एक को हिरासत में ले लिया।












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