महाराष्ट्र विधानसभा सत्र भाजपा की सरकार के लिए परीक्षा
मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा का पहला सत्र आज से शुरू हो रहा है। इस सत्र में भाजपा की हाल ही बनी अल्पमत सरकार की परीक्षा होगी। सरकार का समर्थन या विरोध हो सकता है।

शिवसेना विपक्ष गई तो
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में भाजपा ने इस खुशफहमी में एक अल्पमत सरकार बना ली है कि समय पर दूसरी बड़ी पार्टी के रूप में चुनकर आई शिवसेना समर्थन कर देगी तो स्थाई सरकार बन जाएगी। लेकिन अभी तक जारी मतभेदों के बाद महाराष्ट्र की उस उम्मीद पर पानी फिरता दिख रहा है जिसको लेकर जनता ने चुनाव में मतदान किया था।
वर्तमान के परिदृश्य को देखते हुए बिलकुल उलट सियासी समीकरण उभर आए हैं। शिवसेना ने कहा है कि वह अब विपक्ष में बैठ सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट के विस्तार के बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रेस कांफ्रेंस कर भाजपा से किनारा करने की ओर इशारा कर दिया है।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना एक ला चलो की नीति पर विश्वास करती है। हम लाचार नहीं हैं। हम तो बिना सत्ता व ताकत के ही जनता के हित के लिए काम करेंगे। हम अपने हिंदूत्व के एजेंडे पर कायम हैं।
ठाकरे ने भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अगर आप चाहते हैं तो एनसीपी का समर्थन लेकर सरकार बनाएं। लेकिन याद रखना कि शरद पवार ने ही भगवा आतंकवाद जैसा शब्द इस्तेमाल किया था। उन्होंने कहा कि शिवसेना ऐसी पार्टी है जो अपने हिंदुत्व के मुद्दे पर कायम रहेगी।
आज से महाराष्ट्र विधानसभा में विशेष सत्र की शुरूआत हो रही है। विधानसभा सत्र के दौरान 12 नवम्बर को सरकार के लिए विश्वासमत लाना होगा। इस दौरान अविश्वासमत आने से सरकार गिर सकती है।












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