Saraswati Vaidya case: सुसाइड या मर्डर? पुलिस ने जहर का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक लैब भेजे सैंपल
मुंबई के मीरा रोड इलाके की आकाशगंगा सोसाइटी में हुए सरस्वती वैद्य हत्याकांड ने देश को हिलाकर रख दिया। आरोपी द्वारा महिला के शरीर के साथ की गई बर्बरता देखकर सन्न रह गया। इस मामले में अब दिन नया खुलासा हो रहा है। अब महिला शरीर के हिस्सों में जहर का पता लगाया जा रहा है।
टीओआई की खबर के मुताबिक, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि, यह स्थापित करना मुश्किल हो रहा है कि सरस्वती वैद्य की हत्या की गई या उन्होंने आत्महत्या की थी। क्योंकि मुंबई पुलिस को महिला के शरीर के कई छोटे-छोटे हिस्सों मिले थे, जिन्हें उबाला गया था।

फोरेंसिक एक्सपर्ट्स साक्ष्य के तौर पर इकट्ठे किए गए महिला के शरीर की टुकड़ों की जांच करने वाले हैं। हालांकि इस बात की "कम" संभावना है कि फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी, कलिना महिला के कुछ वसा ऊतकों या हड्डियों में जहर का पता लगा पाए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बात का पता लगाना लगभग असंभव होगा कि सरस्वती वैद्य ने अपनी मर्जी से जहर खा लिया था या फिर ऐसा करने के लिए उसे मजबूर किया गया था। हालांकि जेजे अस्पताल के फारेंसिक विशेषज्ञों का कहना है कि उन्हें मिले महिला के शव के 35 टुकड़ों की जांच करके इस बात की पुष्टि करनी होगी कि उसमें जहरीले पदार्थ के कोई अंश तो नहीं हैं। दरअसल पुलिस की पूछताछ में मनोज ने बताया था कि सरस्वती ने जहर पीकर आत्महत्या की थी।
पुलिस के लिए चिंता की बात यह है कि वैद्य के लिव-इन पार्टनर मनोज साने जिस पर उसकी हत्या करने, महिला के शरीर को काटने और कुछ हिस्सों को नष्ट करने का आरोप है। उसे सबूत नष्ट करने आरोप में केवल दो से पांच साल की जेल हो पाएगी। उधर दूसरी ओर जेजे अस्पताल द्वारा महिला के शरीर के टुकड़े परिवार के सदस्यों को सौंप दिए गए। मृतका की तीन बहनों ने सोमवार को उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
सरस्वती वैद्य और उसकी तीन बड़ी बहनों के डीएनए नमूने भी कलिना स्थित फोरेंसिक प्रयोगशालाओं में भेजे गए हैं। सरस्वती हत्याकांड में आरोपी मनोज साने के बयानों पर पुलिस शुरू से ही यकीन नहीं कर रही थी। पुलिस इसे सोची समझी हत्या बता रही है। पुलिस के मुताबिक दोनों के बीच आर्थिक तंगी को लेकर झगड़ा होता था, मनोज यह बात स्वीकार चुका है और तीन जून की रात भी दोनों में झगड़ा हुआ था।
मनोज साने को सोमवार को मीरा रोड के फ्लैट में ले जाया गया था। जहां उसने सरस्वती वैद्य की हत्या कर दी थी। एक दिन पहले पुलिस की एक टीम ने रेलवे ट्रैक के समानांतर बहने वाले एक नाले का भी दौरा किया था ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं आरोपी ने महिला के शरीर के अंगों को यहां तो नहीं फेंका। दरअसल शुक्रवार को बिल्डिंग से मिले सीसीटीवी फुटेज में रात के समय साने की हरकतें संदिग्ध दिखाई दी थीं। पुलिस को साने पर संदेह है कि उसने शरीर के कुछ हिस्सों को एक काले प्लास्टिक बैग में भरकर नाले में फेंक दिया है।












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