शिवाजी प्रतिमा में होने जा रहा बड़ा बदलाव, चीन को भी देगी टक्कर
3600 करोड़ रुपए की लागत से बनाए जा रहे शिवाजी स्मारक की लंबाई अगर बढ़ाने की अनुमति दे दी गई तो ये चीन का भी रिकॉर्ड तोड़ देगा।
मुंबई। अरब सागर में 32 एकड़ के चट्टान पर बनाए जा रहे शिवाजी स्मारक की लंबाई 192 मीटर से बढ़ाकर 210 मीटर हो सकती है। अगर ऐसा हुआ तो यह स्मारक चीन में स्थापित बुद्ध की सबसे बड़ी प्रतिमा का रिकॉर्ड तोड़ देगा। इस विषय पर राज्य सरकार ने केंद्र के पास प्रस्ताव भेज दिया है जिससे पर्यावरण से जुड़ी इजाजत मिल सके।
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार दावा किया जाता है कि चीन के लूशान काउंटी में स्थित मंदिर में बुद्ध की प्रतिमा के सबसे ऊंची है। 2008 में पहाड़ों पर बनाई गई इस प्रतिमा की यूं तो ऊंचाई 153 मीटर है लेकिन जिस पहाड़ी पर इस प्रतिमा को स्थापित किया गया है कि उसे जोड़कर इसकी ऊंचाई 210 मीटर हो जाती है।

अखबार के अनुसार शिवाजी मेमोरियल कमेटी के अध्यक्ष विनायक मेटे ने कहा है कि शिवाजी उनकी और आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं, ऐसे में इसे ऊंचा करने के लिए जो भी करना होगा वो करेंगे। बता दें कि बीते साल 2016 में 24 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस स्मारक के लिए जलपूजन किया था। इस स्मारक की खूबियों की तुलना न्यूयॉर्क की मशहूर स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से की जा रही है।
स्टैचू ऑफ लिबर्टी को देगा मात
शिवाजी स्मारक की ऊंचाई स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से कहीं ज्यादा होगी। गौरतलब है कि स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी की कुल ऊंचाई 92 मीटर के आस-पास है, वहीं शिवाजी स्मारक की ऊंचाई करीब 192 मीटर यानी करीब 630 फीट होगी। अगर इसकी लंबाई 210 मीटर तक करने का आदेश दे दिया गया तो फिर यह चीन का भी रिकार्ड तोड़ देगी। स्मारक को बेहद खास तरीके से बनाया जा रहा है ताकि लोग इस स्मारक को देखने के लिए ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचे।
ये होंगी सुविधाएं
इस जगह पर मंदिर, फूड कोर्ट, एम्फी थिएटर समेत कई खास सुविधाएं होंगी। जिससे यहां आने वाले लोग इसका पूरा आनंद उठा सकें। राज्य सरकार की योजना इसे खास दर्शनीय स्थल के तौर पर तैयार करने की है जिससे स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी की तरह ही यहां भी लोग आएं। पर्यटन की दृष्टि से ये बेहद खास होगा।
माना जा रहा है कि इस भव्य स्मारक को बनाने का खर्च करीब 3600 करोड़ रुपये होगा। बता दें कि स्मारक पर एक मिनी थिएटर, मंदिर, फूड कोर्ट, लाइब्रेरी, ऑडियो गाइडर, 3डी और 4डी फिल्म, एक्वेरियम जैसी सुविधाए भी होंगी। परियोजना के पहले चरण में 2500 करोड़ रुपये खर्च होंगे।












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