परमबीर सिंह का ट्रांसफर के बाद चिट्ठी लिखना अपने आप में सवाल खड़े करता है- एनसीपी नेता नवाब मलिक
एनसीपी नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा एक चिट्ठी लिखकर महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर लगाए गए आरोपों पर सवाल उठाए हैं।
मुंबई। एनसीपी नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा एक चिट्ठी लिखकर महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर लगाए गए आरोपों पर सवाल उठाए हैं। सोमवार को नवाब मलिक ने कहा, 'परमबीर सिंह की चिट्ठी सवाल खड़े करती है। यह ट्रांसफर के बाद लिखी गई। उन्होंने यह चिट्ठी पहले क्यों नहीं लिखी।'

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नबाव मलिक ने आगे कहा कि फरवरी में देशमुख अस्पताल में भर्ती थे उसके बाद वे होम क्वारंटीन में चले गए। सच सामने आएगा। उन्होंने आगे कहा कि यह सरकार को बदनाम करने की साजिश है।
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एनसीपी नेता ने कहा कि मामले की जांच होगी। खाली चिट्ठी के आधार पर इस्तीफा मांगने का सवाल ही नहीं उठता। पार्टी जांच के बाद ही कोई निर्णय लेगी।
गौरतलब है कि परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे को एक चिट्ठी लिखी थी, जिसमें उन्होंने राज्य के गृहमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा था कि अनिल देशमुख कि वह अपने घर से पुलिस अधिकारियों को कॉल करते थे और उन्हें बार, रेस्त्रां आदि से वसूली का टारगेट देते थे।
उन्होंने चिट्ठी में यह भी कहा कि अनिल देशमुख ने सचिन वाजे से कहा था कि वह हर महीने 100 करोड़ रुपए की वसूली करें, जिनमें से आधे रुपयों की वसूली बार, रेस्त्रां और शहर में चल रहे इस तरह के अन्य धंधों से वसूले जाएं।
इस चिट्ठी के सामने आने के बाद भाजपा और तमाम विपक्षी पार्टियां महाराष्ट्र की सरकार पर सवाल उठा रही हैं। भाजपा और मनसे ने अनिल देशमुख के इस्तीफे की मांग की है।












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