महाराष्ट्र सरकार ने Delta Plus वेरिएंट पर काबू पाने के लिए बनाया प्लान, खंगालेगी संक्रमितों की ट्रेवल हिस्ट्री
राज्य में डेल्टा प्लस वेरिएंट से हुईं 5 मौतों के मामले सामने आने के बाद महाराष्ट्र सरकार की पेशानी पर चिंता साफ देखी जा सकती है।
मुंबई, 14 अगस्त। राज्य में डेल्टा प्लस वेरिएंट से हुईं 5 मौतों के मामले सामने आने के बाद महाराष्ट्र सरकार की पेशानी पर चिंता साफ देखी जा सकती है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि राज्य में डेल्टा प्लस वेरिएंट के मामलों की बढ़ती संख्या से निपटने के लिए पूरे इंतजाम किए जा रहे हैं। उन्होंने जनता से परेशान न होने और कोरोना के दिशा-निर्देशों का पूर्णत: पालन करने का आग्रह किया।
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उन्होंने कहा कि, 'जनता को ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है, यदि कोई मामला सामने आता है तो प्रशासन को तुरंत सूचित करें। यह सही है कि राज्य में पांच लोगों की मौत डेल्टा प्लस वेरिएंट से ही हुई है, लेकिन ये सभी वृद्ध थे और कई अन्य बीमारियों से जूझ रहे थे।'
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राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों को लेकर टोपे ने कहा कि राज्य सरकार एक केंद्रित दृष्टिकोण अपना रही है और उसका सभी जिलों पर जोर है। टोपे ने कहा कि राज्य सरकार अबतक सामने आए सभी मामलों पर नजर बनाए हुए हैं और और सभी उच्च जोखिम और कम जोखिम वाले संपर्कों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। सरकार मरीज का पूरा इतिहास खंगालने की कोशिश कर रही है- यह पता लगाने के लिए कि वह कहां गये थे, संक्रमण होने से पहले उन्होंने वैक्सीन ली थी या नहीं और इसके अलावा वे कहां संक्रमित हुए। इसके अलावा उच्च जोखिम और कम जोखिम वारे मरीजों को भी अलग किया जा रहा है। स्थिति की गंभीरता के हिसाब से मरीज का इलाज किया जाएगा, यही प्रक्रिया पूरे महाराष्ट्र में लागू होने जा रही है।
राज्य में डेल्टा प्लस वेरिएंट के 66 मामले
बता दें कि वर्तमान में महाराष्ट्र में डेल्टा वेरिएंट के 66 मामले सामने आए हैं। इनमें से 13 मामले जलगांव, 12 रत्नागिरी, 11 मुंबई, थाणे (3) और पुणे (3), पालघर (3), रायगड़ (3), जबकि नादेड़ और गोंदिया में 2-2 मामले सामने आए हैं। इसके अलावा चंद्रपुर, अकोला, सिंधुदुर्ग, सांगली, नंदुरबार, औरंगाबाद, कोल्हापुर, बीड में डेल्टा वेरिएंट का 1-1 मामला सामने आया है। राजेश टोपे ने कहा कि स्वास्थ्य एजेंसियां महाराष्ट्र के हर जिले से 100-100 सैंपल एकत्र कर रही हैं। इन सैंपलों को फिर जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा जाएगा। राज्य में डेल्टा प्लस वेरिएंट के कुल मामलों में से 10 ऐसे थे जिन्होंने कोरोना की दोनों डोज ले ली थीं, जबकि आठ संक्रमित लोगों को कोरोना की पहली डोज लग चुकी थी।












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