गुलशन कुमार मर्डर केस: रउफ मर्चेंट की सजा बरकरार, बरी हो चुके अब्दुल रशीद को भी आजीवन कारावास

मुंबई, जुलाई 01: टी-सीरीज कंपनी के मालिक गुलशन कुमार की हत्या साल 1997 में मुंबई में की गई थी। बदमाशों ने जुहू इलाके में उनको गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया था। अब इस केस से जुड़ी याचिका पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने गुलशन कुमार हत्याकांड में रउफ मर्चेंट की सजा को बरकरार रखा है। वहीं फिल्म प्रोड्यूसर रमेश तौरानी को बरी करने का फैसला बरकरार रखा गया है। कोर्ट ने तौरानी के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार की अपील को खारिज कर दिया है।

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    Bombay High Court

    इसके अलावा एक अन्य आरोपी अब्दुल रशीद, जिसे पहले सत्र अदालत ने बरी कर दिया था। अब बॉम्बे हाई कोर्ट ने दोषी ठहराया है। अब्दुल रशीद, दाऊद मर्चेंट को एचसी द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। बता दें कि जिस रउफ मर्चेंट की सजा को हाई कोर्ट ने बरकरार रखा है, उसका पूरा नाम अब्दुल रऊफ उर्फ दाऊद मर्चेंट है और वो अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का साथी है।

    वहीं अब्दुल रशीद जिसको सेशन कोर्ट के बरी करने के बाद हाई कोर्ट ने उसे दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, वो रउफ मर्चेंट का भाई है। मालूम हो कि गुलशन कुमार हत्याकांड को कुछ बंदूकधारी बदमाशों ने 12 अगस्त 1997 में मुंबई के जूहू इलाके में अंजाम दिया था। बदमाशों ने गुलशन कुमार को 16 गोलियां मारी थी। इस केस में पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था, जिन पर इस मामले के तहत केस चल रहे थे, उसी केस पर लगाई गई एक याचिका पर गुरुवार को जस्टिस जाधव और जस्टिस बोरकर ने अपना फैसला सुनाया है।

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