संजय राउत का बड़ा बयान, कहा- यदि नीतीश कुमार जनसंख्या बिल का विरोध करें तो जेडीयू से समर्थन वापस ले बीजेपी
शिवसेना सांसद संजय राउत ने यूपी सरकार के जनसंख्या नियंत्रण विधेयक पर कहा कि अगर जदयू नेता इस विधेयक का विरोध करते हैं तो भाजपा को बिहार में नीतीश कुमार सरकार से समर्थन वापस लेना चाहिए।
मुंबई, 18 जुलाई। शिवसेना सांसद संजय राउत ने रविवार को जनसंख्या नियंत्रण पर उत्तर प्रदेश सरकार के प्रस्तावित मसौदा विधेयक का स्वागत किया और कहा कि अगर जदयू नेता इस विधेयक का विरोध करते हैं तो भाजपा को बिहार में नीतीश कुमार सरकार से समर्थन वापस लेना चाहिए। जनसंख्या नियंत्रण विधेयक के मसौदे के अनुसार, यूपी में दो से अधिक बच्चे वाले लोगों को स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने, सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने या किसी भी तरह की सब्सिडी प्राप्त करने से रोक दिया जाएगा। शिवसेना के मुखपत्र सामना में अपने साप्ताहिक कॉलम में राउत ने यह भी सवाल किया कि क्या प्रस्तावित विधेयक ईमानदार इरादे से लाया जा रहा है? उन्होंने आगे कहा कि यह मुद्दा जाति, धर्म या राजनीति से परे होना चाहिए।

राम मंदिर के मुद्दे पर नहीं मांगे जा सकते वोट
उन्होंने मुखपत्र में लिखा कि राम मंदिर का मुद्दा हल हो चुका है इसलिए इस मुद्दे पर वोट नहीं मांगे जा सकते। कहा जा रहा है कि जनसंख्या नियंत्रण विधेयक का मकसद विधानसभा चुनाव से पहले मतदाताओं का ध्रुवीकरण करना है। 1947 में आजादी के बाद भारत के विभाजन को याद करते हुए राउत ने कहा कि देश एक धर्मनिरपेक्ष राज्य बन गया जहां हिंदुओं को धर्मनिरपेक्षतावादी के रूप में रहने के लिए मजबूर किया गया, जबकि मुसलमानों और अन्य धर्मों के सदस्यों को धार्मिक स्वतंत्रता का आनंद मिला।
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मुस्लिम और अन्य जनसंख्या नियंत्रण और परिवार नियोजन पर भरोसा नहीं करते
उन्होंने आगे कहा कि ये लोग जनसंख्या नियंत्रण और परिवार नियोजन पर भरोसा नहीं करते। उनके लिए स्वतंत्रता का मतलब एक से अधिक पत्नियां रखना और अधिक बच्चे पैदा करना है...वास्तव में देश की जनसंख्या बड़ी है और इनमें से ज्यादातर लोग अनपढ़ और बेरोजगार हैं।
आठ राज्यों में अल्पसंख्यक हैं हिंदू
संजय राउत ने दावा किया कि आज देश के आठ राज्यो और दो केंद्रशासित प्रदेशों में हिंदू अल्पसंख्यक हैं। पड़ोसी देश बांग्लादेश से अवैध प्रवास के कारण, असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में जनसंख्या जनसांख्यिकी बदल गई है।
विश्व हिंदू परिषद ने किया विरोध
बता दें कि विश्व हिंदू परिषद ने इस विधेयक का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि हिंदू समुदाय पर इसपर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और सुझाव दिया कि चीन की जनसंख्या नीति में एक बच्चे के मानदंड से तीन बच्चों तक का अध्ययन किया जाना चाहिए। इसके जवाब में संजय राउत ने कहा कि मुस्लिमों की बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए हिंदूवादी चाहते थे हिंदू चार से पांच बच्चे पैदा करें। यूपी ड्राफ्ट बिल को एक प्रयोग के रूप में देखा जाना चाहिए और सभी अच्छी चीजों को धर्म, जाति और राजनीति के संदर्भ में नहीं मापा जाना चाहिए।












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