Morena News: वन विभाग की टीम पर रेत माफिया का पथराव, अवैध रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को जबरन छुड़ाया
MP News: सोमवार शाम मुरैना जिले में रेत माफिया ने वन विभाग के अधिकारियों पर हमला कर दिया। घटना उस वक्त हुई जब वन विभाग की सशस्त्र टीम चंबल नदी से अवैध रेत खनन की गतिविधियों पर कार्रवाई करने के लिए निकली थी।
वन विभाग की टीम को अवैध रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली मिली, लेकिन माफिया के लोगों ने उन्हें घेरकर पथराव किया और ट्रैक्टर-ट्रॉली को जबरन छुड़ा लिया।

घटना सोमवार शाम की है, जब वन विभाग की टीम देवरी घड़ियाल केंद्र से चेकिंग के लिए रवाना हुई थी। टीम में वनरक्षक रवि तोमर, राजघाट प्रभारी बलवीर सिंह परमार और अन्य सुरक्षा कर्मी शामिल थे। चेकिंग के दौरान टीम को नेशनल हाईवे क्रमांक 44 पर अंबाह बाइपास के पास चंबल नदी से अवैध रूप से रेत से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली नजर आई।
पथराव और हमला
वन विभाग की टीम ने ट्रैक्टर-ट्रॉली का पीछा करना शुरू किया। जैसे ही रेत माफिया के चालक को यह अहसास हुआ कि वह पकड़ा जाएगा, उसने अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली को तेज गति से भगाने की कोशिश की। चालक ने ट्रैक्टर से ट्रॉली को अलग करने की कोशिश की, जिससे ट्रैक्टर का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क किनारे स्थित रेलिंग से टकरा गया। इस टक्कर में ट्रैक्टर के दोनों आगे के पहिए टूट गए।
वन विभाग की टीम जब मौके पर पहुंची, तो रेत माफिया के लोग आक्रामक हो गए और उन्होंने टीम पर पथराव करना शुरू कर दिया। पथराव के कारण वन विभाग की टीम को पीछे हटना पड़ा और वे अपनी जान बचाने के लिए भागने को मजबूर हो गए। पथराव के बीच माफिया ने मौके पर एक जेसीबी बुलवाई और रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को जेसीबी की मदद से उठाकर अपने साथ ले गए।
अवैध रेत खनन पर बढ़ते हमले
यह घटना मुरैना में अवैध रेत खनन के खिलाफ वन विभाग द्वारा की जा रही सख्त कार्रवाई के बीच हुई है। रेत माफिया लगातार वन विभाग की टीमों पर हमले कर रहे हैं और उनके काम में रुकावट डालने की कोशिश कर रहे हैं। मुरैना और आसपास के क्षेत्रों में अवैध रेत खनन की समस्या पिछले कुछ समय से बढ़ी है, जिससे वन विभाग और स्थानीय प्रशासन के लिए इस पर काबू पाना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
वन विभाग की टीम द्वारा लगातार ऐसी घटनाओं की सूचना दी जा रही है, लेकिन रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाई के बावजूद उनके द्वारा अवैध खनन जारी है। इस घटना में वन विभाग की टीम को गंभीर चोटें तो नहीं आईं, लेकिन वनकर्मियों ने अधिकारियों से सुरक्षा की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह के हमलों से बचा जा सके।
इस घटना ने यह सवाल खड़ा किया है कि क्या स्थानीय प्रशासन और पुलिस रेत माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में सक्षम हैं, जो खुलेआम वन विभाग की टीमों पर हमले कर रहे हैं और अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। प्रशासन द्वारा इस तरह की घटनाओं पर सख्त कदम उठाए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।












Click it and Unblock the Notifications