आजम खान का मीडिया पर कटाक्ष करते हुए वीडियो वायरल, कहा- "जब चैनल ज्वाइन करूँगा तब बताऊंगा"

समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता और रामपुर से विधायक आजम खान और उनके परिवार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल फ़िलहाल में आज़म खान दो मुकदमों में पेशी के लिए मुरादाबाद की एमपी एमएलए कोर्ट पहुँचे थे। आज़म खान अपने चिरपरिचित अंदाज में मीडिया पर कटाक्ष करते हुए बोले 'आप जैसे महान लोगो के लिए तो चैनल जॉइन करना पड़ेगा, तब ही कुछ बोलूंगा।' आज़म खान का वही वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी के साथ वायरल हो रहा है।

Video of Azam Khan taking a dig at the media went viral

मुकदमों में पेशी के दौरान का है वीडियो
बता दें कि आज़म खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म दो मुक़दमे दर्ज़ हैं। एक मामला तो थाना छजलैट में 2008 में सड़क जाम करने में दर्ज हुआ था, और दूसरा 2019 में थाना कटघर क्षेत्र स्थित एक कॉलेज में फ़िल्म अभिनेत्री और रामपुर की पूर्व सांसद जया प्रदा पर आपत्तिजनक टिपणी करने का है। इन मुकदमों में मुरादाबाद सपा सांसद डॉ एसटी हसन भी आरोपी है। इन्ही मुकदमों में पेशी के लिए आजम खान मुरादाबाद की एमपी एमएलए कोर्ट पहुँचे थे, ये वीडियो भी उसी समय का है। जब आज़म खान पेशी के बाद कोर्ट से बाहर निकल रहे थे , तो मीडिया कर्मियों ने उनसे बात करने की कोशिश की थी। जब एक पत्रकार ने उनसे मुकदमों के बारे में कुछ सवाल किया था तो उन्होंने झल्ला कर मीडिया पर कटाक्ष किया था कि "जब चैनल ज्वाइन करूँगा तब बताऊंगा। " इसपर पलटकर पत्रकार ने पुछा की आप क्या मीडिया ज्वाइन करेंगे तब आजम खान ने कहा "आप जैसे महान लोगो के लिए तो चैनल जॉइन करना पड़ेगा। "

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बयानवीर नेताओं के लिए चेतावनी
आजम खान इसके पहले भी लगातार विवादास्पद बयानबाजी करते रहे है लेकिन ऐसे ही एक भड़काऊ बयानबाजी के लिए उन्हे सजा सुनाई गई है। आजम खान पर गाज गिरना उन बयानवीर नेताओं के लिए चेतावनी है जो विवादास्पद और भड़काऊ बयानबाजी करना अपना जन्म सिद्ध अधिकार समझते रहे है।
चुनाव के दौरान विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के बयानवीर नेताओं के बीच बोल वचन करने की होड़ लग जाती है। एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाना तो फिर भी आपराधिक कृत्य की श्रेणी में नहीं आता लेकिन भड़काऊ बयानबाजी करना आपराधित कृत्य ही माना जाता है। हालांकि ऐसे बयानवीर नेताओं को उनकी पार्टी का आलाकमान नसीहद देता है लेकिन इसका उनपर कोई असर नहीं पड़ता। यही वजह है कि वे पार्टी आला कमान की चेतावनी के बाद भी अनाप शनाप बयान देने से बाज नहीं आते। ऐसे बयानवीर नेता हर पार्टी में है। ऐसे लेागों के खिलाफ भी कड़ी कार्यवाही होना चाहिए।

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