सपा के जिस उम्मीदवार योगेश वर्मा ने दूरबीन से की थी EVM की निगरानी, वो हारे या जीते ? जानिए
मेरठ, 10 मार्च: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी को जीत मिली है, जबकि समाजवादी पार्टी दूसरे नंबर पर है। मेरठ जनपद में हस्तिनापुर विधानसभा सीट से सपा प्रत्याशी योगेश वर्मा एक लाख 275 वोट पाकर भी हार गए। योगेश वर्मा हस्तिनापुर के वो सपा उम्मीदवार हैं, जिन्होंने दूरबीन से ईवीएम की रखवाली की थी। हार के बाद शुक्रवार को फेसबुक लाइव आकर उन्होंने अपना दर्द बयां किया है।

योगेश वर्मा ने दूरबीन से की थी ईवीएम की निगरानी
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मतगणना से पहले बीजेपी सरकार पर ईवीएम में धांधली का आरोप लगाया था। साथ ही सपा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया था कि वे ईवीएम की रखवाली में जुटे रहें। मेरठ की हस्तिनापुर से सपा उम्मीदवार योगेश वर्मा पिछले करीब एक महीने से कर रहे थे। वर्मा का कहना था कि हस्तिनापुर सीट से जो पार्टी जीतती है, उसी की सरकार राज्य में बनती है। इसलिए उनका जीतना बेहद महत्वपूर्ण था।

2017 के चुनाव में बसपा के टिकट पर लड़े थे योगेश वर्मा
जनपद के तहत आने वाली यह विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। हस्तिनापुर से 2017 में बीजेपी के दिनेश खटीक ने बाजी मारी थी। पार्टी ने एक बार फिर इन पर भरोसा जताते हुए इस सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र से मैदान में उतारा है। 2017 के विधानसभा चुनाव में खटीक ने बसपा के योगेश वर्मा को 36062 वोटों के अंतर से हराया था। दिनेश खटीक को 99436 वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर पर रहे बसपा के योगेश वर्मा को 63374 हासिल हुए थे। वहीं, समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार प्रभु दयाल 48979 वोट मिले थे।

दूरबीन से ईवीएम की निगरानी कर रहे थे योगेश वर्मा
सपा उम्मीदवार योगेश वर्मा दूरबीन से ईवीएम पर नजर रख रहे थे। उन्होंने कहा था कि जहां ईवीएम रखी गई हैं, वह दूरबीन से गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। दूरबीन से छत और आसपास के पूरे इलाके पर हम पैनी निगाह रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा कार्यकर्ताओं के लिए 8-8 घंटे की 3 शिफ्ट बनाई है, जिसके आधार पर वे तैनात हैं। इसके अलावा आसपास के इलाके की निगरानी के लिए अलग से टीम लगाई है।












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