टिकट कटने पर फूट-फूटकर रोने लगे BJP नेता एसके शर्मा, बोले- पार्टी ने मेरे साथ किया विश्वसघात
टिकट कटने पर फूट-फूटकर रोने लगे BJP नेता एसके शर्मा, बोले- पार्टी ने मेरे साथ किया विश्वसघात
मथुरा, 19 जनवरी: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 की तारीखों के ऐलान के बाद से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में इस्तीफे का दौर जारी है। तो वहीं, अब मथुरा जिले की मांट सीट से टिकट न मिलने से नाराज एसके शर्मा ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी छोड़ते समय एसके शर्मा मीडिया और अपने समर्थकों के सामने बेहद भावुक हो गए और फूट-फूटकर रोने लगे। इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि बीजेपी में सिर्फ राम नाम की लूट मची है। कोई विचारधारा नहीं रही। ईमानदारी तो कोसों दूर हो गई है।
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बीजेपी नेता एसके शर्मा ने 18 जनवरी को सर्वेश्वरी सदन में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान फूट-फूटकर रोते हुए एसके शर्मा ने रोते हुए बीजेपी से इस्ताफा देने का एलान किया। एसके शर्मा ने कहा कि बीजेपी ने 2009 से 2022 तक के विभिन्न चुनावों में मेरे साथ विश्वासघात किया है। मैंने पार्टी के लिए लगन से काम किया है। जब भी पार्टी ने संगठन मजबूती के लिए रुपए मांगे, मैंने दिए। लेकिन मेरे साथ धोखा किया गया। निष्ठा से काम करने वालों की पार्टी यह नहीं रही। केवल लूटने वालों की यहां कद्र रह गई है। जब से पार्टी में आया हूं, अपने खर्चे पर काम किया है। अपनी गाड़ी से ही आता जाता हूं। पार्टी के फंड से चाय तक नहीं पी है।
शर्मा द्वारा पार्टी छोड़ने की घोषणा करने के बाद उनके निवास पर लगा भाजपा का झंडा भी कार्यकर्ताओं ने उतार दिया। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए एसके शर्मा ने कहा कि वह सन् 1980 से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े हुए हैं। बीजेपी को मजबूत बनाने के लिए तन-मन-धन सब स्वाहा हो गया। कहा कि मांट में मुझे कमजोर करने के लिए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के फंड से पांच करोड़ रुपये के कार्य कराए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा में चरित्र, नैतिकता, सिद्धांत समाप्त हो गया है। मैं 19 जनवरी को अपने समर्थकों से विचार-विमर्श कर तय करूंगा कि विधानसभा चुनाव लड़ना है या नहीं।
राजेश चौधरी के बनाया है बीजेपी ने अपना प्रत्याशी
बीजेपी ने मांट से युवा नेता राजेश चौधरी को प्रत्याशी बनाया है। साल 1987 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुटे राजेश चौधरी ने छात्र राजनीति में कदम रख दिया। साल 1992 से साल 1998 तक एबीवीपी में महत्वपूर्ण पदों पर रहे। वर्तमान में यूपी भाजपा के प्रवक्ता हैं। राजेश चौधरी के नाम की घोषणा होने के बाद से ही एसके शर्मा बागी हो गए थे।












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