ममता बनर्जी और डॉक्टरों की बातचीत के बाद मनोज वर्मा बने कोलकाता पुलिस कमिश्नर, स्वास्थ्य विभाग में भी बदलाव
पश्चिम बंगाल में 1998 बैच के आईपीएस अधिकारी मनोज कुमार वर्मा को कोलकाता का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है। यह फैसला पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा विनीत गोयल को पद से हटाने की घोषणा के बाद लिया गया है। यह बदलाव जूनियर डॉक्टरों के साथ बैठक के बाद किया गया है। जो कोलकाता में एक सरकारी अस्पताल में हुई गंभीर घटना के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
इससे पहले विनीत गोयल पहले कोलकाता पुलिस आयुक्त की भूमिका में थे। अब उनको पश्चिम बंगाल पुलिस के विशेष कार्य बल के लिए पुलिस महानिरीक्षक नियुक्त किया गया है। उनका निष्कासन एक प्रशिक्षु डॉक्टर की दुखद मौत से जुड़े मामले को ठीक से न संभाल पाने की वजह से मांग कर रहे जूनियर डॉक्टरों के विरोध प्रदर्शन के बाद फेरबदल का हिस्सा था।

10 सितंबर से जूनियर डॉक्टर राज्य के स्वास्थ्य मुख्यालय स्वास्थ्य भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वे प्रशिक्षु डॉक्टर के बलात्कार और हत्या की जांच के विनीत गोयल के प्रबंधन के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। पीड़िता का शव 9 अगस्त को आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के सेमिनार हॉल में मिला था।
मृतक प्रशिक्षु डॉक्टर के परिवार ने कोलकाता पुलिस (उत्तर) के डिप्टी कमिश्नर पर भी रिश्वतखोरी का आरोप लगाया। इन आरोपों के जवाब में ममता बनर्जी ने घोषणा की कि इस अधिकारी को भी उनके पद से हटा दिया जाएगा।
पुलिस विभाग में बदलाव के अलावा अन्य प्रशासनिक बदलाव भी हुए हैं। चिकित्सा शिक्षा निदेशक कौस्तव नाइक और स्वास्थ्य सेवा निदेशक देबाशीष हलदर दोनों को उनके कर्तव्यों से मुक्त कर दिया गया है। ये निर्णय हाल ही की घटनाओं के मद्देनजर भरोसा कायम करने और शासन में सुधार लाने के प्रयासों का हिस्सा हैं।
मनोज वर्मा इससे पहले पश्चिम बंगाल पुलिस में कानून और व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने बैरकपुर पुलिस आयुक्त और सुरक्षा निदेशालय में अतिरिक्त निदेशक जैसे पद भी संभाले हैं। उनके अनुभव से उम्मीद है कि वे अपनी नई भूमिका में स्थिरता और प्रभावी नेतृत्व लाएंगे।












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