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Mandla News: ‘ठंड नहीं हाथियों का सितम’, मंडला में मचाया आतंक, आग जलाकर गुजर रही रात

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छत्तीसगढ़ की सीमा से जंगल के रास्ते हाथियों ने एक बार फिर मंडला के मवई वन क्षेत्र में धावा बोला हैं। यहां से रहवासी इलाकों में हाथियों के दल ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। चंगरिया गांव में कई कच्चे मकान हाथियों ने तहस नहस कर दिए। जहां फंसे करीब डेढ़ दर्जन परिवारों को रेस्क्यू कर निकाला गया। वन विभाग की टीम उत्पाती हाथियों को भगाने जुटी है। लोग रात के वक्त आग जलाकर बचने के उपाय कर रहे हैं।

ठंड नहीं हाथियों से बचने मंडला जिले में आग का सहारा

ठंड नहीं हाथियों से बचने मंडला जिले में आग का सहारा

मंडला जिले के मवई वन क्षेत्र से सटे ग्रामीण रहवासी इलाकों में इन दिनों हाथियों का आतंक है। कड़ाके की ठंड पड़ना शुरू हो गई है और इस वक्त लोग ठंड से बचने आग जलाते है। लेकिन यहां ठंड नहीं बल्कि हाथियों से बचाव के लिए लोग आग जलाकर जाग रहे है। बच्चों से लेकर बड़ों तक एक तरह से रात्रि जागरण कर रहे हैं। जिसकी सबसे बड़ी वजह जंगल के रास्ते आ रहे हाथी है।

हाथियों के उत्पात से घिर गए थे डेढ़ दर्जन परिवार

हाथियों के उत्पात से घिर गए थे डेढ़ दर्जन परिवार

एक दिन पहले चंगरिया गांव और आसपास के क्षेत्रों में हाथियों के दल ने धावा बोल दिया। रात के वक्त एक के बाद एक दौड़ते हुए हाथी कच्चे मकानों को क्षतिग्रस्त करते रहे। जिसमें घरों में लोग फंस गए। बाद में जब इस मामले की खबर वन विभाग की टीम और पुलिस को लगी, तो रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। हाथियों से बचाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।

घरों में रखा अनाज और खाने का सामान चट

घरों में रखा अनाज और खाने का सामान चट

हाथियों ने जिन इलाकों को अपना निशाना बनाया, वहां लोगों के घरों में रखा अनाज और खाने का अन्य सामान हाथी खा गए। अपने स्तर पर हाथियों को भगाने के ग्रामीणों के पास जो इंतजाम है, वह नाकाफी है। ग्रामीणों का कहना है कि दो महीने पहले भी इसी तरह की स्थिति बनी थी। जंगली क्षेत्र से रहवासी इलाके में हाथियों की घुसपैठ न हो, इसके लिए वन विभाग ने जंगलों में चौकसी बढ़ाने का भरोसा दिया था। लेकिन इस बार हालात पहले से ज्यादा ख़राब हैं।

रास्ता भटके या भूखे है हाथी ?

रास्ता भटके या भूखे है हाथी ?

जानकारों का कहना है कि जंगलों में हाथियोंका एक विशेष क्षेत्र रहता है। कई बार ऐसी परिस्थियाँ बनती है, जिससे एक दो हाथी को क्षेत्र छोड़ता देखा अन्य हाथी भी उनके पीछे चल देते है। लंबा सफ़र तय करते हुए वह अपना मूल ठिकाना भूल जाते है। वहीं कई मर्तबा भूख की वजह से अपने आहार की तलाश में भटकते हुए हाथी रहवासी क्षेत्र में पहुंच जाते है। खाने के लिए उन्हें जहां कही भी कुछ मिलता है तो वह वहां उसे हासिल करने हर हद तक गुजरने तैयार हो जाते है।

सुरक्षा के लिए वन विभाग की टीमें तैनात

सुरक्षा के लिए वन विभाग की टीमें तैनात

वन परिक्षेत्र अधिकारी लतिका तिवारी उपाध्याय के मुताबिक पीड़ित ग्रामीणों के सिलसिले में जिला प्रशासन को जानकारी भेजी गई हैं। जिनके घरों का नुकसान हुआ है, उन्हें मदद दिलाने का प्रयास जारी है। इसके अलावा हाथियों का दल अलग अलग हिस्सों में बंट गया है। इस वजह से वह एक जगह नहीं मिल पा रहे। फिर वन ग्रामीणों की सुरक्षा के मद्देनजर कई टीमें तैनात की गई है। विभाग कोशिश कर रहा है कि हाथियों को जंगल की तरफ ले जाया जाए, ताकि वह वापस अपनी जगहों पर पहुंच जाए।

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English summary
Villagers rescued from elephant terror rescue operation in Mandla district fire support in night
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