Mandla Election Result 2023: डार्क हॉर्स कहलाने वाले मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते हारे, सियासी भविष्य पर सवाल
Mandla Election Result 2023: संसद में 'कैश फॉर वोट' वाले कुख्यात कांड में सुर्ख़ियों रहे आदिवासी सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते भी विधानसभा चुनाव मैदान में रहे। आदिवासियों के दमदार जिले मंडला की निवास सीट पर उन्हें कांग्रेस के चैन सिंह वरकडे से टक्कर थी। लेकिन शुरुआती कुछ राउंड के बाद हार की तरफ फिसलते गए और परिणाम हार की ओर मुड़ गया।
शुरुआती चुनाव परिणाम के रुझान में इस सीट पर भी बीजेपी में खुशी का माहौल रहा। प्रदेश और देश की राजनीति के लिहाज से मंडला जिला अपना अलग वजूद रखता आया हैं। क्योकि यहां की सियासी हवा आसपास के जिले बालघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा का भी मिजाज का इशारा करती आई हैं।

पर दस बजे बाद जो ईवीएम खुली तो उनमें वोटों का मार्जिन इतना बढ़ गया कि आखिरी राउंड में कुलस्ते को कवर करना संभव नहीं रहा। कुलस्ते के लिए यह बड़ा झटका हैं। परिणाम आने के बाद अब चर्चा हो चली है कि फग्गन सिंह कुलस्ते की आगे की मंजिल क्या होगी? मिशन 2024 में पार्टी उन पर भरोसा करेगी क्या?
केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते अभी मंडला सीट से सांसद हैं। फग्गन सिंह 6 बार लोकसभा और एक बार राज्यसभा सांसद रहे। 1990 में उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी। वह 1999 से 2004 तक केंद्र में राज्यमंत्री रहे। 1996, 1998, 1999, 2004, 2014 और 2019 में वह लोकसभा का चुनाव जीते। 2009 का चुनाव वह हार गए थे। 2012 में वह राज्यसभा के लिए चुने गए।
कैसे बने डार्क हॉर्स?
कुलस्ते का नाम 'कैश फॉर वोट' वाले कुख्यात कांड से भी जुड़ा था। 22 जुलाई, 2008 को लोकसभा में जब उस वक्त की मनमोहन सिंह सरकार के खिलाफ विश्वास मत प्रस्ताव पर बहस चल रही थी, तब BJP के तीन सांसद सदन में एक बैग लेकर पहुंचे थे। उन्होंने वह बैग लोकसभा महासचिव की मेज पर रखा और नोटों की गड्डियां लहराईं। तीनों सांसदों ने दावा किया कि विश्वास मत के समर्थन में वोट देने के लिए उन्हें करोड़ों रुपयों की पेशकश की गई थी। इन तीन सांसदों में से एक मंडला के सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते भी थे।
कुलस्ते BJP का सबसे बड़ा आदिवासी चेहरा हैं। वह मंडला जिले के बारबटी गांव के रहने वाले हैं। कुलस्ते के पास MA, LLB की डिग्री है। उनकी हायर एजुकेशन सागर यूनिवर्सिटी और रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी जबलपुर से हुई है। उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत 1988 में BJP के एक सामान्य कार्यकर्ता के तौर पर हुई। यह भी दिलचस्प है कि कुलस्ते को मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विरोधी के तौर पर देखा जाता है।












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