मां-बेटी मर्डर: प्रेमी संग घर बसाने की अंजू की चाहत खूनी अंजाम तक कैसे पहुंची?

मैनपुरी। अंजू ने प्रेमी संग घर बसाने की चाहत में बहुत कुछ किया लेकिन आखिरकार वह अपने ससुराल में मारी गई। देवर ने अंजू और उसकी मां की बेरहमी से गला काटकर हत्या कर दी। हत्या से एक दिन पहले ही अंजू को पुलिस ससुराल छोड़ गई थी और ससुरालियों को हिदायत दी थी कि उसको कोई परेशान न करे। दो दिन बाद पुलिस को उसी घर में अंजू की लाश मिली।

'ससुराल ही घर है, मैं कहां जाऊंगी'

दो दिन पहले अंजू ने थाने में मीडिया से बात करते हुए अपनी परेशानी बताई थी। अंजू ने बताया कि ससुराल से उसको जेठ ने 25 फरवरी को निकाल दिया था। मेरा पति फौज में है और वो दूसरी शादी करना चाहता है। हम दोनों की लव मैरिज हुई थी। जब अंजू से पूछा गया कि वो केस दर्ज क्यों नहीं करा रही है तो उसने जवाब दिया कि फिर वो कहां जाएगी, मायके में रह नहीं सकती और ससुराल ही उसका घर है।

पढ़ाई के दौरान हुआ कुलदीप से प्रेम

पढ़ाई के दौरान हुआ कुलदीप से प्रेम

मैनपुरी के थाना बिछवां थाना क्षेत्र के हेमपुरा गांव में 26 साल की अंजू रिश्तेदार के घर रहकर पढ़ाई करने आई थी। कन्नौज की रहनेवाली अंजू का प्रेम संबंध उसी गांव के कुलदीप से हो गया। दोनों के बीच शारीरिक संबंध बन गए थे। दोनों एक ही जाति के थे इसलिए दोनों के परिजनों ने शादी तय कर दी। कुलदीप की नौकरी फौज में लग गई। कुलदीप को दहेज में लाखों रुपए देने के लिए लड़की वाले आने लगे जिसके बाद उसकी नीयत बदल गई। यह दो साल पहले की बात है।

अंजू से पीछा छुड़ाने की कोशिश में लगा कुलदीप

अंजू से पीछा छुड़ाने की कोशिश में लगा कुलदीप

अंजू से शादी में कुलदीप को दहेज हासिल नहीं होता इसलिए वह उससे पीछा छुड़ाने की कोशिश करने लगा। शादी से मना करने लगा। अंजू कुलदीप को छोड़ना नहीं चाहती थी। उसने थाने पहुंचकर कुलदीप के खिलाफ रेप की शिकायत दर्ज कराई। संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज होते देख कुलदीप ने अपने आपको बचाने के लिए लोगों के समझाने बुझाने और पंचायत होने पर थाना परिसर में ही बने मंदिर में पुलिसकर्मियों की देखरेख में अंजू से शादी कर ली। शादी के बाद कुलदीप ने अंजू से रिश्ता नहीं रखा। अंजू के ससुराल वाले उसे प्रताड़ित करने लगे।

ससुरालियों ने घर से निकाला

ससुरालियों ने घर से निकाला

शादी के बाद पिछले दो साल से दहेज को लेकर अंजू ससुराल में प्रताड़ित की जा रही थी। अंजू को इसी सप्ताह जेठ ने घर से निकाल दिया जिसके बाद वह पांच दिन से थाने में शरण लिए हुए थी। न्याय पाने के लिए अंजू कभी छिबरामऊ पुलिस तो कभी मैनपुरी जिला अधिकारी, एसडीएम के अलावा अन्य आलाधिकारियों से गुहार लगाती रही। आखिरकार उच्चाधिकारियों की मदद से स्थानीय थाना पुलिस अंजू को ससुराल ले गई और सास-ससुर व जेठानी को उसे तंग न करने की कड़ी हिदायत दी। पुलिस इसके बाद वापस आ गई।

देवर ने मां-बेटी को मार डाला

देवर ने मां-बेटी को मार डाला

उधर अंजू के कहने पर मां उसके कपड़े लेकर घर आई हुई थी। देवर ने मंगलवार की रात में मां-बेटी का गला रेत दिया। जिस देवर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है वह भी सीआरपीएफ का जवान है। वह कुछ समय पहले ही घर आया था। पुलिस घर से फरार सास-ससुर की गिरफ्तारी के प्रयास में जुट गई है।

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