मैनपुरी: बच्चे ने किया पुनर्जन्म का दावा, कहा- मैं रोहित हूं जिसकी 8 साल पहले हुई थी मौत
मैनपुरी: बच्चे ने किया पुनर्जन्म का दावा, कहा- मैं रोहित हूं जिसकी 8 साल पहले हुई थी मौत
मैनपुरी, 20 अगस्त: पुनर्जन्म के ऊपर बनी फिल्में और खबरों के बारे में तो आप सभी ने सुना होगा। पुनर्जन्म के दावे का एक ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले से सामने आया है जिसे सुनकर उस पर विश्वास कर पाना बेहद मुश्किल है। लेकिन लोगों का कहना है कि यह सच है। हालांकि, हिंदी वन इंडिया इस दावे की पुष्टि नहीं करता है। दरअसल, जिस लड़के के पुनर्जन्म का दावा किया जा रहा है उसकी आठ साल पहले मौत हो गई है। उसके पिता का भी कहना है कि बेटे की जिद पर उसके पिछले जन्म वाले घर में उसको लेकर आए हैं।

यह मामला मैनपुरी जिले के औंछा थाना क्षेत्र के गांव नगला सलेही का है। खबरों के मुताबिक, प्रमोद कुमार गुरुवार को उस समय स्तब्ध रह गए, जब घर पहुंचे एक आठ साल के बालक ने उन्हें पिता कहकर बुलाया। प्रमोद पहले तो कुछ समझ नहीं पाए, लेकिन जब बालक ने बताया कि आठ साल पहले नहाते वक्त उसकी नहर में डूबकर मौत हो गई थी। मैं 8 वर्ष पूर्व का रोहित हूं। इतना सुनते ही प्रमोद और उनकी पत्नी ने उसे गले लगा लिया और उनकी आंखें छलक आईं।
प्रमोद कुमार ने बताया कि
उनके पुत्र रोहित की 13 वर्ष की उम्र में वर्ष 2013 में नहर में डूबने से मौत हो गई थी। उनके इकलौते बेटे की मौत के बाद वह बेटी के सहारे ही अपना जीवन यापन कर रहे थे। उनका बेटा माध्यमिक विद्यालय सलेही में पढ़ता था।
आसपास के लोग भी बच्चे की पुनर्जन्म की बातें सुनकर हैरान थे। उसने जो कुछ भी बताया, ग्रामीणों के अनुसार वो सब सही है। वहीं, अब ये मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। तो वहीं, नागला अमर सिंह गांव के निवासी रामनरेश बताते हैं कि 8 वर्ष पहले उनके घर एक बेटे का जन्म हुआ था। उसका नाम उन्होंने चंद्रवीर रखा। जब वह बोलने लगा तो उसने अपनी पुनर्जन्म की बातें बताना शुरू कर दी थी। वह अक्सर गांव नगला सहेली की तरफ दौड़ता था और कहता था कि उसे अपने माता-पिता से मिलना है। लेकिन, वह बेटे को खोने कि डर की वजह से उसको वहां लेकर नहीं जाते थे।
हालांकि, उन्हें अपने बेटे की जिद के आगे झूकना पड़ा और 19 अगस्त को चंद्रवीर उर्फ छोटू, प्रमोद कुमार के घर लेकर पहुंचे। वो यहां अपने माता-पिता व बहन को पहचान गया और फिर उनसे मिलकर पूर्व जन्म की बाते बताने लगा। वहीं, बालक की पुनर्जन्म की बातों को सुनने के लिए लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई। इसी बीच नगला सहेली विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुभाष यादव आ गए उन्हें देखकर बालक ने उनके पैर छूकर नाम से संबोधित किया। प्रधानाध्यापक सच्चाई जानने के लिए उसी विद्यालय में ले गए जहां हुए पूर्व जन्म में पढ़ता था।
चंद्रवीर ने कक्षा के बारे में भी बताया। अब चंद्रवीर के द्वारा पुनर्जन्म की बातें बताने और सुनने के बाद 8 वर्ष पहले के माता पिता बेहद खुश नजर आ रहे है। तो वहीं, वर्तमान के माता-पिता भी हैरत में है। हालांकि, चंद्रवीर के द्वारा बताई गई पुनर्जन्म की बात क्षेत्र में फैल गयी, जो चर्चा का विषय बनी हुई है।












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