फिर साथ आएंगे शरद पवार और भतीजे अजित पवार? परिवार से ही शुरू हुई सुलह की पहल
एनसीपी के दो फाड़ होने के लगभग 10 दिनों बाद शरद पवार के परिवार के भीतर से ही चाचा-भतीजे में सुलह की कोशिशें शुरू हुई हैं। पवार परिवार के प्रमुख सदस्यों ने इस सिलसिले में एनसीपी प्रमुख शरद पवार और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार दोनों से ही अलग-अलग मुलाकात की है।
मंगलवार को युगेंद्र पवार ने बुजुर्ग पवार से मुलाकात की है। उसके बाद श्रीनिवास पवार ने अजित पवार से बातचीत की है। श्रीनिवास अजित पवार के बड़े भाई हैं और युगेंद्र उनके ही बेटे हैं। पवार परिवार में दादा-पोते की मुलाकात और भाई-भाई के बीच हुई चर्चा को डैमेज कंट्रोल की बड़ी कोशिश माना जा रहा है।

2019 में भी श्रीनिवास पवार ने ही कराई थी सुलह
श्रीनिवास पवार एक उद्योगपति हैं और राजनीति से दूर ही रहते आए हैं। माना जाता है कि बड़े भाई होने के नाते अजित पवार पर उनका अच्छा प्रभाव है और वे दोनों एक-दूसरे के काफी करीब भी रहे हैं। कहा जाता है कि 2019 में अजित पवार ने जब बीजेपी के साथ सरकार बनाई थी और कथित तौर पर शरद पवार उनसे नाराज हो गए थे, तब भी श्रीनिवास ने ही चाचा-भतीजे के बीच सुलह कराई थी।
सच तो यह है कि चाचा से उस कथित सियासी अनबन के दौरान अजित पवार अपने बड़े भाई के ही घर पर जमे हुए थे। श्रीनिवास की कोशिशों की वजह से ही दोनों के बीच विवाद को शांत कराया जा सका। बाद में अजित पवार ने देवेंद्र फडणवीस सरकार से इस्तीफा दिया और फिर उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाले महा विकास अघाड़ी सरकार की ओर से उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
यह एक निजी मुलाकात थी- युगेंद्र पवार
वैसे युगेंद्र के मुताबिक शरद पवार से उनकी मुलाकात 'निजी' है। उनका कहना है, 'यह एक निजी मुलाकात थी। मैं हमेशा अपने दादा जी (शरद पवार) से मिलता रहता हूं। यह आज बड़ी बात हो गई है, क्योंकि वहां पर मीडिया थी और अभी ऐसे हालात चल रहे हैं।'
किसी अटकलबाजी पर टिप्पणी नहीं- युगेंद्र पवार
एनसीपी के दोनों नेताओं के बीच सुलह की कोशिशों के बारे में युगेंद्र ने कहा, 'मैं किसी तरह की अटकलबाजी पर टिप्पणी नहीं करना चाहता। यह कोई पहली बार नहीं है, जब मैं उनसे मिला हूं। मैं उनका पोता हूं। मैंने कई बार उनके साथ यात्राएं भी की हैं।'
'पवार परिवार हमेशा एक रहेगा'
जब उनसे 2019 में एनसीपी के उस संकट के बारे में बात की गई और पूछा गया कि अजित पवार तो उनके पिता (श्रीनिवास) के घर पर रह रहे थे, तो युगेंद्र ने कहा, 'आखिरकार वे (श्रीनिवास) उनके भाई हैं और हम राजनीति में नहीं हैं। हम राजनीति और परिवार को अलग रखते है।' वैसे उन्होंने यह जरूर कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद पवार परिवार 'हमेशा एक रहेगा।'
गौरतलब है कि शरद पवार यह भी यह मान चुके हैं कि बीजेपी के साथ सरकार बनाने में शुरू उन्होंने ही हामी भरी थी, लेकिन उनका मकसद भाजपा को एक्सपोज करना था।












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