क्यों अमिताभ बच्चन के बंगले की 'दीवार' पैदा कर सकती है कांग्रेस-शिवसेना में दरार ?
मुंबई, 30 नवंबर: कांग्रेस और शिवसेना महाराष्ट्र सरकार में एक-दूसरे की सहयोगी है। लेकिन, देश के कुछ छोटे राज्यों से भी ज्यादा बजट वाली बीएमसी पर शिवसेना अकेले काबिज है। एक साल पहले तक प्रदेश के शासन की तरह बीएमसी में भी बीजेपी-शिवसेना साथ थी। लेकिन, पिछले साल नवंबर से दोनों की राहें अलग हो चुकी हैं। लेकिन, अब बीएमसी की राजनीति के चलते शिवसेना और कांग्रेस के बीच भी खटास पैदा होने की स्थिति बन गई है। इसकी वजह है बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन का मुंबई के जुहू इलाके में मौजूद बंगला- प्रतीक्षा। बीएमसी को उस इलाके में सड़क चौड़ी करने के लिए इसका कुछ हिस्सा चाहिए। आसपास के बाकी बंगलों से भी जरूरत थी और वह पूरी भी हो गई, लेकिन 'प्रतीक्षा' से जमीन मिलने का इंतजार खत्म ही नहीं हो रहा। इसको लेकर कांग्रेस के नेता ही मुहिम छेड़े हुए हैं और अब यह मसला लोकायुक्त तक पहुंच चुका है; और लगता है कि शिवसेना इसे ज्यादा दिन तक टालने की स्थिति में नहीं रहेगी।

लोकायुक्त ने बीएमसी से चार हफ्ते में रिपोर्ट तलब की
अमिताभ बच्चन के बंगले 'प्रतीक्षा' की जमीन के मसले पर कांग्रेस बीएमसी के खिलाफ महाराष्ट्र लोकायुक्त के पास पहुंच गई है। कांग्रेस का आरोप है कि बॉलीवुड के अभिनेता की वजह से बीएमसी सड़क चौड़ीकरण के लिए मुंबई में उनके जुहू स्थित बंगले की जमीन लेने में सालों से टाल-मटोल करने में लगी हुई है। इसके चलते सड़क चौड़ीकरण का काम लटका हुआ है। कांग्रेस से मिली इस शिकायत पर लोकायुक्त जस्टिस वीएम कांडे ने बीएमसी से चार हफ्ते में यह रिपोर्ट देने को कहा है कि अभी तक सड़क चौड़ी करने के लिए जमीन लेने के लिए उसने क्या कदम उठाए हैं? गौरतलब है कि इस साल जुलाई में बीएमसी ने अपने पहले नोटिस के आधार पर इस मामले में सुगबुगाहट जरूर दिखाई थी, लेकिन फिर अचानक से शांत पड़ गई।

बच्चन के बंगले के पास की इमारतों की दीवारें गिराई जा चुकी है
गौरतलब है कि 2019 में बीएमसी बच्चन के बंगले के पास की इमारतों की दीवारें गिरा भी चुकी है और वहां पर उसे 40 फीट सड़क को 60 फीट चौड़ा करने लायक जमीन मिल भी चुकी है। जबकि, अमिताभ समेत उनके पड़ोस के प्लॉट मालिकों को 2017 में ही लिंकिंग रोड से अपनी जमीन का कुछ हिस्सा सड़क के लिए सरेंडर करने को कह दिया गया था। अधिकारियों के मुताबिक प्रतीक्षा बंगले से इस्कॉन मंदिर की ओर ट्रैफिक संचालन को सुचारू रखने के लिए बीएमसी को उनके कंपाउंड से जमीन का कुछ हिस्सा चाहिए, ताकि रोड की चौड़ाई बढ़ाई जा सके। महानायक को इस संबंध में पहली नोटिस तभी दे दी गई थी। जानकारी के मुताबिक इस साल जुलाई में बीएमसी ने सिटी सर्वे के अधिकारियों को संत ज्ञानेश्वर मार्ग को चौड़ा करने के लिए उनक बंगले से ली जाने वाली आवश्यक जमीन को चिन्हित करने को भी कहा था। लेकिन, बाद में यह फिर से यह ठंडे बस्ते में चला गया।

प्रतीक्षा की 'दीवार' पर कांग्रेस का बीएमसी से तकरार
इस मामले बीएमसी पर अमिताभ बच्चन की प्रॉपर्टी देखकर कदम पीछे खींचने का आरोप लगाने वाली कांग्रेस काउंसलर-वकील तुलिप ब्रायन मिरांडा ने तब कहा था, 'सड़क चौड़ीकरण नीति के तहत बीएमसी ने अमिताभ बच्चन को 2017 में ही नोटिस दिया था, लेकिन कोई ऐक्शन नहीं लिया गया। जब नोटिस जारी की जा चुकी है, तो बीएमसी ने जमीन ली क्यों नहीं ? सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट में नोटिस देने के बाद किसी अपील की आवश्यकता नहीं है।' रिपोर्ट के मुताबिक बच्चन और बाकियों पर मुख्य नक्शे में बदलाव के भी आरोप हैं। कांग्रेस नेता ने तब यह भी कहा था कि 'अगर यह किसी आम आदमी का होता तो बीएमसी तुरंत ले ली होती।' कांग्रेस नेता के मुताबिक सड़क चौड़ी करना इसलिए जरूरी है कि यहां दो स्कूल हैं, एक अस्पताल है, मंदिर हैं और आसपास कई स्मारक भी हैं, लेकिन यह प्रोजेक्ट इसलिए अचानक रोक दिया गया, क्योंकि बीच में अमिताभ का बंगला है।

क्यों प्रतीक्षा की 'दीवार' पैदा कर सकती है कांग्रेस-शिवसेना में दरार ?
लेकिन, अब जब इस मामले में लोकायुक्त ने दखल दिया है, बीएमसी पर ऐसे समय में दबाव बढ़ गया है, जब अगले साल की शुरुआत में इसके चुनाव होने वाले हैं। गौरतलब है कि 2020 में बीएमसी ने जिस तरह से अभिनेत्री कंगना रनौत के दफ्तर को आनन-फानन में गिराया था, उसपर बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी उसे लताड़ा था। बीएमसी में मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा वहां की सत्ता पर काबिज शिवसेना पर पहले से ही पक्षपात का आरोप लगाती रही है। लेकिन, प्रतीक्षा की 'दीवार' गिराने के मामले में इस बार शिवसेना के सामने राज्य सरकार में उसकी सहयोगी कांग्रेस खड़ी है। कांग्रेस पहले ही घोषणा कर चुकी है कि वह बीएमसी चुनाव अकेले ही लड़ेगी। ऐसे में अमिताभ बच्चन के लिए बीएमसी पर पक्षपात करने के आरोपों ने तूल पकड़ा तो शिवसेना और कांग्रेस के बीच चुनावी तल्खी बढ़ना तय है।
Recommended Video

प्रतीक्षा के आसपास किन हस्तियों की प्रॉपर्टी है ?
गौरतलब है कि सड़क चौड़ीकरण के लिए कुछ साल पहले बीएमसी ने अमिताभ बच्चन के अलावा सात और लोगों को 'अवैध निर्माण' के सिलसिले में नोटिस थमाया था। इनमें राजकुमार हिरानी, ओबेरॉय रियलिटी, पंकज बालाजी, संजय व्यास हरेश खंडेलवाल और हरेश जगतानी शामिल थे। 2019 में इनमें से अधिकतर से बीएमसी ने जमीन ले भी ली है। लेकिन, बच्चन के बंगले वाला मामला लटका हुआ है। इस मामले अमिताभ बच्चन का पक्ष हम नहीं ले पाए हैं और टीओआई के मुताबिक उन्होंने उसके सवालों का जवाब नहीं दिया है।












Click it and Unblock the Notifications